कैलाश को क्यों आ रहा गुस्सा, कभी घंटा बोल भड़क रहे तो आदिवासी नेता को ही औकात समझा रहे…

भाजपा नेता और वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को इन दिनों बेहद गुस्सा आ रहा है। इंदौर में दूषित पानी से मौतों की घटना पर जब मीडिया ने सवाल किया तो पत्रकार पर More »

अमेरिकी TRADE DEAL के खिलाफ INC आंदोलन की तैयारी, RAHUL GANDHI व खड़गे की उपस्थिति में BHOPAL में पहला किसान सम्मेलन

अमेरिका के साथ भारत की ट्रेड डील से किसानों पर विपरीत असर पड़ेगा जिसके खिलाफ किसान संगठनों के साथ कांग्रेस किसान सम्मेलन कर आंदोलन की तैयारी शुरू करने जा रही है। किसान More »

RAJAY SABHA की जून में एक INC व दो BJP की रिक्त हो रही सीटों के लिए INC में एक अनार सौ बीमार

राज्यसभा की 72 सीटे रिक्त हो रही हैं जिनमें से मध्य प्रदेश से तीन सीटें जून में रिक्त हो रही हैं। भाजपा की दो और कांग्रेस के खाते वाली एक सीट है। More »

Madhya Pradesh की बिजली कंपनी के Smart Meter लगे, मगर उपभोक्ता अब ऐसे हो रहे परेशान

मध्य प्रदेश की मध्य क्षेत्र की बिजली कंपनी ने स्मार्ट मीटर लगाने में इतनी जल्दबाजी की कि अब उपभोक्ता परेशान हो रहे हैं। स्मार्ट मीटर को लेकर बिजली कंपनी ने जो दावे More »

जनसंपर्क विभाग में प्रयोग सफल नहीं रहे तो दो साल में मनीष सिंह की वापसी

मध्य प्रदेश में सरकार की छवि को निखारने की जिम्मेदारी संभालने वाले मुख्यमंत्री के अंतर्गत आने वाले जनसंपर्क विभाग में दो साल में चार बदलाव किए गए हैं और इस अवधि में More »

अक्षय कुमार की ‘सेल्फी’ मूवी में दिखा भोपाल का हीरो ‘अबीर’, अक्षय को सड़क पर सैर कराते दिखा

मध्य प्रदेश में थियेटर आर्टिस्ट से फिल्म का सफर तय करने वाले अबीर अली की आज अक्षय कुमार के साथ सेल्फी फिल्म रिलीज हुई है। थियेटर, वेब सीरिज करने के बाद अबीर की यह पहली फिल्म है और इसमें वे अक्षय कुमार को प्रोडक्शन मैनेजर के रूप में इंटरड्यूज कराते हुए सड़क कार में सैर कराते दिखाई दे रहे हैं। अबीर को इस फिल्म से जैसी उम्मीद थी, पहले दिन उससे वे बेहद खुश नजर आए।

एक राष्ट्र-एक चुनावः आजाद भारत में पहले लोकसभा-विधानसभा चुनाव में रखी गईं हर प्रत्याशी के लिए मतपेटी

देश के आजाद होने के बाद से 1967 तक एक राष्ट्र-एक चुनाव होते रहे लेकिन इसके बाद विधानसभाओं और लोकसभा के समय पूर्व भंग होने से यह सिस्टम बिगड़ता गया। आज हर साल चुनाव हो रहे हैं जबकि आजाद भारत के पहले लोकसभा-विधानसभा चुनावों के लिए साक्षरता कम होने की वजह से हर प्रत्याशी की एक मतपेटी से चुनाव कराए गए थे। भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त रहे मध्य प्रदेश कैडर के आईएएस ओपी रावत हमें बता रहे हैं एक राष्ट्र-एक चुनाव के लिए क्या करना होगा और कब-कब क्या हुआ।

कांग्रेस की CWC का फैसला खड़गे करेंगे, पार्टी संविधान में 48 संशोधन का प्रस्ताव

रायपुर में कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन में स्टियरिंग कमेटी ने नई वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) के गठन के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को अधिकृत कर दिया है। सीडब्ल्यूसी के लिए चुनाव की अटकलों को स्टियरिंग कमेटी ने विराम लगा दिया लेकिन कमेटी के 45 सदस्यों में से कई चुनाव कराने के पक्ष में भी थे। अधिवेशन में पार्टी संविधान में 48 संशोधन करने का प्रस्ताव है जिसमें 16 प्रावधान और 32 नियम बदले जाने का विचार है।

कांग्रेस का रायपुर अधिवेशनः गांधी परिवार की गैर मौजूदगी में स्टियरिंग कमेटी की बैठक

अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का गैर गांधी परिवार की अध्यक्षता वाला 26 साल बाद आज से शुरू हुए अधिवेशन में सबसे पहले स्टियरिंग कमेटी की बैठक हुई। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की अध्यक्षता में कमेटी की बैठक में पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी व राहुल गांधी, प्रियंका गांधी नहीं शामिल हुईं। वे आज रायपुर नहीं पहुंचे हैं।

रायपुर अधिवेशन में बनने वाली CWC में MP से कौन..? कमलनाथ CM फेस तो कौन..?

रायपुर में शुक्रवार से हो रहे कांग्रेस के राष्ट्रीय अधिवेशन में मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व वाली कांग्रेस की वर्किंग कमेटी का गठन भी होना है जिसके लिए मध्य प्रदेश से कमलनाथ-दिग्विजय सिंह के नाम शामिल होने की पूरी संभावना है। हाल ही में दिग्विजय सिंह के एक बयान ने यह संकेत दे दिए हैं। यह बयान वही है जिसको लेकर कांग्रेस में एक पखवाड़े से नेताओं के बीच कशमकश पूर्ण रिश्ते चल रहे थे।

‘मदिरा प्रदेश’ पर बवाल, कमलनाथ के बयान पर CM का जवाब आते ही सवाल खड़ा हुआ विपक्ष में क्यों बदल जाती भाषा

जब भी राजनीतिक दल विपक्ष मे बैठता है तो उसकी भाषा विरोध के दौरान ट्रेक से उतर जाती है। इलेक्ट्रॉ़निक संसाधनों के इस दौर में अब नेताओं के सत्ता में आने तथा विपक्ष में रहते वक्त के बयानों के वायरल होने से जनता के सामने उनकी सच्चाई सामने आने लगी है। आज मध्य प्रदेश की आबकारी नीति पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के मध्य प्रदेश को मदिरा प्रदेश संबंधी बयान पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पलटवार के बाद जनवरी 2020 का उनका एक ट्वीट वायरल होने पर सामने आ गया।

जिस DFO को शासन ने अयोग्य मानकर हटाया, उसे CCF ने तबादले के दूसरे दिन श्रेष्ठता प्रमाण पत्र दिया

मध्य प्रदेश के मैदानी वन अफसरों को अपने विभाग के आदेश-पत्राचारों का अता-पता ही नहीं रहता है। बेसुध होकर मैदानी अधिकारी नेताओं की परिक्रमा करने में मग्न रहते हैं। इसका जीता-जागता उदाहरण हाल ही में बुरहानपुर में अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कारगर कार्रवाई नहीं करने वाले जिस डीएफओ को राज्य शासन ने हटाया था, उसे सीसीएफ ने तबादला आदेश जारी होने के अगले दिन श्रेष्ठता का सर्टिफिकेट जारी कर दिया।

बागेश्वर धाम के लिए ट्विटर पर वोटिंग, बताया जा रहा झूठ का अड्डा

सनातन धर्म की बातें करने और हिंदू राष्ट्र की मांग कर रहे बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ ट्विटर पर वोटिंग कराई जा रही है। दलितों के एक प्लेटफार्म द्वारा यह वोटिंग सुबह से शुरू की गई है और अब तक इसमें करीब सात हजार से ज्यादा लोग वोट कर चुके हैं। यह वोटिंग ट्विटर पर जमकर ट्रोल हो रही है।

विकास यात्रा में मंत्रीजी के चोचलेः बोतल बंद पानी से गाजर धोकर खाई

मध्य प्रदेश में निकाली जा रही विकास यात्राओं में रोज नए-नए वीडियो सामने आ रहे हैं। ताजा वीडियो में शिवराज सरकार के एक मंत्रीजी बोतल बंद पानी से गाजर को धोकर खाते देखे जा रहे हैं जबकि कई लोगों को आज भी दूर अंचल से पानी ढोकर पीना पड़ता है।

AICC प्रतिनिधिः दर्जनभर जिलों से कोई नेता नहीं तो सिंधिया के गढ़ से आठ और विंध्य-बुदेलखंड उपेक्षित

मध्य प्रदेश से रायपुर कांग्रेस अधिवेशन के लिए एआईसीसी प्रतिनिधियों की सूची दो दिन पहले जारी हुई है जिसमें न तो विधानसभा चुनाव-नगरीय निकाय चुनाव के नतीजों के आधार पर संतुलन दिखाई दे रहा है और न ही क्षेत्रीयता का पुट नजर आ रहा है। रायपुर कांग्रेस अधिवेशन के लिए 71 एआईसीसी प्रतिनिधि और 28 मनोनीत प्रतिनिधियों सूची में करीब एक दर्जन जिलों के किसी भी नेता का नाम नहीं है तो ज्योतिरादित्य सिंधिया के गढ़ ग्वालियर-चंबल संभाग में पूरा ध्यान ग्वालियर जिले पर फोकस किया गया है। वहीं विंध्य में सबसे कम सीटें आने के बाद भी एआईसीसी डेलीगेट्स बनाने में नेताओं को तव्वजोह नहीं मिल पाई है तो बुंदेलखंड में नगरीय निकाय चुनाव में भाजपा की बढ़त देखने के बाद भी वहां से भी कम प्रतिनिधित्व दिया गया है। इससे एआईसीसी डेलीगेट्स की सूची में कई खामियां दिखाई दे रही हैं जो विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है।

Khabar News | MP Breaking News | MP Khel Samachar | Latest News in Hindi Bhopal | Bhopal News In Hindi | Bhopal News Headlines | Bhopal Breaking News | Bhopal Khel Samachar | MP News Today