भगवान राम के भक्त विभीषण ने अपने भाई के अधर्म के रास्ते को देखते हुए अपने ईष्ट राम का साथ दिया। रामभक्त विभीषण ने सीता को रावण के कब्जे से मुक्त कराने के लिए राम का साथ दिया और उन्हें रावण की मृत्यु के भेद के बारे में बताया था। विभीषण को नायक की तरह रामायण में पेश किया गया लेकिन इन दिनों की राजनीति में नेता उन्हें खलनायक की तरह प्रस्तुत करने में तुले हैं। मध्य प्रदेश की राजनीति में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में जाने और कांग्रेस सरकार को गिराने में अहम भूमिका निभाने वालों पर ढाई साल से तंज कसा जा रहा है। उन्हें कांग्रेस द्वारा खलनायक बताया जा रहा है तथा विभीषण संज्ञा दी जा रही है।
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