वोट की खरीद-फरोख्त के लिए नोट, साड़ी, शराब, मुर्गा और तोहफे बांटने के तरीके अब पुराने हो गए हैं जो चुनाव की आदर्श आचार संहिता के दायरे में ला दिए गए हैं लेकिन नेताओं ने अब वोटों को खरीदने का नया रास्ता अपना लिया है। सरकारें चुनाव के ठीक पहले योजनाओं व सुविधाओं के माध्यम से वोटरों को अपने पक्ष में करने लगी हैं तो विपक्ष अपने वचन पत्रों में ऐसे वादे करने लगे हैं जिनसे वोटरों को वह मुफ्तखोरी की लुभावनी बातें करता है। पढ़िये वोटरों की खरीदी के क्या नए रास्ते अपनाए जा रहे हैं, उस पर एक रिपोर्ट।
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