कांग्रेस द्वारा शिवराज सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के गिरने के बाद अब सत्ता पक्ष और विपक्षी दल कांग्रेस के फायदे-नुकसान को तलाशा जा रहा है। अविश्वास प्रस्ताव से भले ही कांग्रेस को कुछ मिला हो या नहीं लेकिन शिवराज सरकार को अभयदान जरूर मिलने की चर्चा है और यह अभयदान चुनाव पूर्व गुजरात की तरह विधानसभा चुनाव पूर्व बड़े राजनीतिक परिवर्तन की हो सकती थी। अब यह परिवर्तन मंत्रिमंडल फेरबदल के छोटे रूप में सामने आ सकता है। मगर यह अभयदान मध्य प्रदेश की 2023 के राजनीतिक परिदृश्य को कितना अनुकूल कर पाएगी, यह समय ही बताएगा।
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