सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि कूनो नेशनल पार्क (केएनपी) में एक साल से भी कम समय में आठ चीतों की मौत एक “अच्छी तस्वीर” पेश नहीं करती है, और केंद्र से कहा कि वह इसे प्रतिष्ठा का मुद्दा न बनाए और जानवरों को विभिन्न अभयारण्यों में स्थानांतरित करने की संभावना तलाशे। गौरतलब है कि प्रोजेक्ट चीता के तहत, नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से कुल 20 रेडियो-कॉलर वाले जानवरों को केएनपी में आयात किया गया था और बाद में नामीबियाई चीता ‘ज्वाला’ से चार शावक पैदा हुए थे। इस तरह 24 चीतों में से तीन शावकों समेत आठ की मौत हो चुकी है। पढ़िये वरिष्ठ पत्रकार गणेश पांडेय की रिपोर्ट, चीतों की मौत पर अदालत ने किस तरह चिंता जताई।
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