मध्य प्रदेश के वन विभाग ने बाघों की मौतों की वजह से जितनी आलोचना झेली, उससे कदम डगमगा सकते थे लेकिन हिम्मत के साथ वन विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने वन्यप्राणी संरक्षण की दिशा में काम किया। जंगलों पर आश्रित लोगों व आसपास के रहवासी इलाकों में भी वन्यप्राणी के प्रति संवेदनशीलता का माहौल बना और इन सब प्रयासों से मध्य प्रदेश एकबार फिर टाइगर स्टेट बन गया। टाइगर स्टेट वाले पहले व दूसरे स्थान के बीच काफी अंतर के साथ एमपी नंबर वन पर कायम है। पढ़िये वरिष्ठ पत्रकार गणेश पांडेय की विशेष रिपोर्ट।
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