मध्य प्रदेश के बहुचर्चित व्यापमं घोटाले के बाद संस्था का नाम बदलकर मप्र कर्मचारी चयन मंडल भले ही कर दिया मगर उसकी कार्यप्रणाली आज भी पुराने ढर्रे पर ही चल रही है। सरकारी नौकरी चयन के परिणामों की घोषणा के बाद एकबार फिर मंडल सवालों के घेरे में है। सरकारी नौकरी पाने वालों में एक ही परिवार के छह सदस्यों से लेकर एक ही सेंटर के टॉप 10 में सात अभ्यर्थियों के चयन हो जाने से परीक्षा पर शंका के बादल मंडरा रहे हैं। पढ़िये रिपोर्ट।
-
दुनिया
-
अकेले रहने वाले बुजुर्गों को टारगेट कर रहे Cyber ठग, Gwalior में 90 साल Couple शिकार
-
Indian क्रिकेट के सूरमाओं का सरेंडर, Super 8 के पहले मैच में करारी हार
-
अमेरिकी TRADE DEAL के खिलाफ INC आंदोलन की तैयारी, RAHUL GANDHI व खड़गे की उपस्थिति में BHOPAL में पहला किसान सम्मेलन
-
फिर Political माहौल की गर्मा गरमी के बीच बेतुका फैसला, MP कांग्रेस के प्रवक्ताओं की छुट्टी
-
आमिर, सलमान के प्लेन को उड़ाने वाली MP की पायलट संभवी पाठक महाराष्ट्र के Dy CM के साथ हादसे में मृत
-


















