बुंदेलखण्ड में नवरात्रि के शक्ति पर्व पर वैदिक उपासना की परम्परा लम्बे समय से रही है। महाराज छत्रसाल की नगरी के उत्तरी छोर पर मां दुर्गा के पहले स्वरूप यानी शैलपुत्री का स्थापना मां झनझन देवी के रूप में है। राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 86 पर छतरपुर से 4 किलोमीटर पहुंच कर पश्चिम की ओर 2 किलोमीटर जाना पडता है। दुर्गम इलाके में त्रिकूट पर्वत पर मां विराजमान हैं। जनप्रतिनिधियों तथा शासन-प्रशासन की घोर उपेक्षा के कारण यहां पर आधारभूत सुविधाओं का नितांत अभाव है। जंगल के मध्य से गुजरने वाला कटीला मार्ग आज कष्टसाध्य यात्रा का जीता जागता उदाहरण बना हुआ है।
-
दुनिया
-
US-INDIA ट्रेड डील के खिलाफ MODI पर जमकर बरसे RAHUL, बताया EPSTEIN फाइलों की धमकियों का दबाव
-
अकेले रहने वाले बुजुर्गों को टारगेट कर रहे Cyber ठग, Gwalior में 90 साल Couple शिकार
-
Indian क्रिकेट के सूरमाओं का सरेंडर, Super 8 के पहले मैच में करारी हार
-
अमेरिकी TRADE DEAL के खिलाफ INC आंदोलन की तैयारी, RAHUL GANDHI व खड़गे की उपस्थिति में BHOPAL में पहला किसान सम्मेलन
-
फिर Political माहौल की गर्मा गरमी के बीच बेतुका फैसला, MP कांग्रेस के प्रवक्ताओं की छुट्टी
-








