बच्चे का सर्वोत्तम हित उसके परिवार में निहित है इसलिए बालकल्याण समितियों को चाहिए कि उन सभी संभव संभावनाओं पर विचार करें जो बालक का जैविक परिवार में सुमेलन सुनिश्चित करें।बाल गृह या अन्य संस्थागत पुनर्वास केवल अंतरिम व्यवस्था है और जेजे एक्ट 2015 अंतिम रूप से परिवार में पुनर्वास की वकालत करता है।बाल कल्याण समितियों को बेहद संवेदनशील तरीके से सरंक्षण एवं सुरक्षा की आवश्यकताओं वाले बच्चों के मामले में निर्णयन की प्रक्रिया अमल में लानी चाहिये।
-
दुनिया
-
US-INDIA ट्रेड डील के खिलाफ MODI पर जमकर बरसे RAHUL, बताया EPSTEIN फाइलों की धमकियों का दबाव
-
अकेले रहने वाले बुजुर्गों को टारगेट कर रहे Cyber ठग, Gwalior में 90 साल Couple शिकार
-
Indian क्रिकेट के सूरमाओं का सरेंडर, Super 8 के पहले मैच में करारी हार
-
अमेरिकी TRADE DEAL के खिलाफ INC आंदोलन की तैयारी, RAHUL GANDHI व खड़गे की उपस्थिति में BHOPAL में पहला किसान सम्मेलन
-
फिर Political माहौल की गर्मा गरमी के बीच बेतुका फैसला, MP कांग्रेस के प्रवक्ताओं की छुट्टी
-










