किसान जब धरती में बीज बो रहा होता है तब एक आशा उसके भीतर जागती है। वह भविष्य के सुनहरे सपनों को लेकर होती है। खासकर इस बात को लेकर कि आने वाले समय में यह बीज कई गुना होकर मुझे मिलेंगे। न केवल बीजों की वृद्धि संख्यात्मक होगी बल्कि यह बीज गुणवत्ता से भी भरपूर होंगे। गुणवत्ता मूल्यांकन की कमी के चलते विश्वस्तर पर कृषि व्यापार में लगभग 90 बिलियन डॉलर का नुकसान होता है। इसके परिणामस्वरूप किसानों के लिए कम लाभ और उपभोक्ताओं को ऊंची कीमत पर खाद्य वस्तुएं खरीदनी पड़ती हैं। बीज को परखने की वर्तमान गुणवत्ता प्रणाली मैनुअल है। इसके चलते 60 प्रतिशत तक परिणाम सही नहीं आते और खाद्य वस्तुएं बाजार में महंगी हो जाती हैं।
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