मध्य प्रदेश की विधानसभा के सत्रों में सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्य सदन के बाहर चर्चा करने और सत्र को छोटा-बड़ा बताने के बयान देते हैं लेकिन सदन के भीतर ऐसा माहौल कौन पैदा कर देता है कि दोनों पक्ष एक-दूसरे को सुनने को राजी नहीं होते। हंगामा और फिर कार्यवाही कुछ निश्चित समय या अगले दिन या फिर अनिश्चितकाल तक के लिए स्थगित कर दी जाती है। चालू मानसून सत्र का भी यह हश्र होता नजर आ रहा है जबकि यह सत्र लंबे अंतराल के बाद हो रहा है।
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