कहते हैं कि राजनीतिक दलों के फैसलों में तो समय का ध्यान रखा ही जाता है लेकिन जो घटनाक्रम होते रहते हैं उनमें भी समय का बड़ा महत्व होता है। इसमें कई घटनाक्रम राजनीतिक दलों के कुशल रणनीति को भी दर्शाते हैं। मध्य प्रदेश में पिछले कुछ सालों से भाजपा ने कुछ फैसलों और घटनाक्रमों के समय के मामले में कांग्रेस को मात दी है। चाहे वह कोरोना महामारी की दस्तक के कुछ दिन पहले सत्ता परिवर्तन, लोकसभा उपचुनाव में विधायक को अपने पक्ष में लाने, नगरीय निकाय चुनाव के पहले एक पूर्व विधायक के पार्टी से इस्तीफा देने और अब राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के ऐन पहले कांग्रेस के एक विधायक को उनकी ही पत्नी के माध्यम दुष्कर्म-अप्राकृतिक कृत्य के मामले में फंस जाने के घटनाक्रमों से कांग्रेस ढाई साल में लगातार कमजोर नजर आई है।
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