मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 के मद्देनजर अब सरकारी कर्मचारियों को अपनी लंबित मांगों पर फैसला कराने का मौका दिखाई दे रहा है। छह साल से कर्मचारी बिना पदोन्नति के रिटायर हो रहे तो अनुकंपा नियुक्ति नियमों में उलझकर रह गईं हैं तथा स्कूल शिक्षा विभाग में प्राचार्य स्तर पर 2008 से 2022 तक अर्जित अवकाश को कार्येतर स्वीकृति नहीं मिल पा रही है। इन मुद्दों पर कर्मचारी अब सरकार से उम्मीद लगा रहे हैं कि शायद चुनाव वर्ष में उनके लिए भी पिटारा खोल दिया जाए। आईए क्या है कर्मचारियों की मांग व क्या हैं कर्मचारियों की इन पर गतिविधियां।
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