मातृभाषा हिंदी के प्रचार प्रसार और हिंदी माध्यम में शिक्षा देने के उद्देश्य अटल बिहारी वाजपई हिंदी विश्वविद्यालय की स्थापना की गई थी। लगभग 11 साल गुजरने के बाद भी यहां नियमित शिक्षकों की भर्ती नहीं हो सकी। हाल ही में विश्वविद्यालय ने भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था जिस में आरक्षण संबंधित विवाद होने पर विश्वविद्यालय ने विषय और आरक्षण से जुड़े बदलाव कर फिर से विज्ञापन जारी किया था। लेकिन नए विज्ञापन को लेकर भी कई लोगों ने अपनी आपत्ति जताई है।
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