वक्त बदला लेकिन कांग्रेस नहीं बदली. कभी युवा पीढ़ी को दरकिनार कर बुजुर्ग नेतृत्व को कमांड देने वाले कांग्रेस हाईकमान ने अब पीढ़ी परिवर्तन के नाम पर एकतरफा बिना सोचविचार के वरिष्ठ नेताओं को किनारे करते हुए युवा नेतृत्व के हाथ में पार्टी दे दी. कभी युवा नेताओं पर कमलनाथ भारी पड़ रहे थे और अब कमलनाथ पर जीतू पटवारी भारी साबित हो गए हैं. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को अपना स्वभाव, संगत और व्यवहार बदलना होगा. नेता-प्रतिपक्ष के स्टॉफ में ऐसे तत्व शामिल हो जाते है जो सरकार से अप्रत्यक्ष रूप से उपकृत होते है. यही विपक्ष की रणनीति को लीक करते आ रहे है. ऐसे घुसपैठियों को रोक पाना, उमंग के लिए बड़ी चुनौती है.
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