मध्य प्रदेश में विंध्य क्षेत्र की सतना की मैहर, ,सिंगरौली की देवसर, सीधी की धौहनी, शहडोल की ब्यौहारी, जयसिंहनगर, जैतपुर, अनूपपुर की कोतमा, अनूपपुर, बांधवगड़ व पुष्पराजगढ़ विधानसभा सीटें ऐसी हैं जहां कोल आदिवासी समाज विधानसभा चुनावों के परिणामों पर असर डालता है। यहां गौंडवाना गणतंत्र पार्टी का भी असर है जो कोल आदिवासी समाज में पैठ रखती है। कांग्रेस का वोट गौंडवाना गणतंत्र पार्टी के मैदान में उतरने से बंट गया था और इससे इन विधानसभा सीटों में से 2018 में भाजपा को सात सीटों पर जीत मिल गई थी। इस बार विंध्य में कांग्रेस दम लगा रही है और उसके नेताओं के बीच 2018 से ज्यादा बेहतर समन्वय दिखाई दे रहा है। ऐसे में भाजपा के लिए चुनौती बने इस क्षेत्र को साधने की कोशिशें तेज हो गई हैं। आज कोल जनजाति सम्मेलन उसी कड़ी में शिवराज सरकार का एक कदम बताया जा रहा है।
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