40 साल पहले जिस यूनियन कार्बाइड की जहरीली गैस मिक ने हजारों लोगों की जान ली थी और उसके प्रभाव का असर आज तक शहर के पीड़ित झेल रहे हैं, उस फैक्ट्री की जमीन में दबे रासायनिक कचरे को आखिरकार पीथमपुर औद्योगिक नगर में लेकर निष्पादित किया जा रहा है। 250 किलोमीटर का ग्रीन कॉरीडोर बनाकर ट्रकों व डंपर में भरकर पीथमपुर ले जाने की शुरुआत रविवार की रात से शुरू की गई। पढ़िये रिपोर्ट।
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