मध्य प्रदेश में एक समय विंध्य में कांग्रेस के दो दिग्गजों अर्जुनसिंह और श्रीनिवास तिवारी के कारण पार्टी का वर्चस्व था लेकिन करीब दो दशक से यहां कांग्रेस के लिए सूखा जैसा है। इसकी वजह से दोनों दिग्गजों के निधन के बाद वहां अजय सिंह-कमलेश्वर पटेल दो नए ध्रुव बने जो विपरीत दिशाओं में चलते रहे जिसका खामियाजा कांग्रेस को चुनाव में भुगतना पड़ता रहा है। मगर आज विंध्य के इन दो विपरीत ध्रुवों के बीच जो व्यवहार क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं ने देखा, उससे अब पार्टी के अच्छे परफार्मेंस की आस बांधी जा सकती है। पढ़िये क्या है इन नेताओं का बदला व्यवहार।
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