रिश्वतखोरी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। रिश्वतखोर नेताओं को भी नहीं बख्श रहे हैं। भोपाल से सटे रायसेन जिले में एक सरपंच के बेटे को पंचायत सचिव नहीं होने पर रोजगार सहायक को प्रभार दिलाने के बदले 20 हजार रुपए देने पड़े तो उमरिया जिले में भाजपा के मंडल अध्यक्ष को धान तुलाई में पल्लेदार को चार हजार रुपए अलग से देना पड़े। सरपंच के बेटे ने तो लोकायुक्त से जिला पंचायत सीईओ कार्यालय के लिपिक को पकड़वाया दिया लेकिन पल्लेदार की कलेक्टर द्वारा जांच की जा रही है। वहीं, ग्वालियर में जहां नगर निगम के दो कर्मचारियों ने एक व्यक्ति से मकान के नामांतरण के लिए दो हजार रुपए की रिश्वत मांगी तो उसे रंगेहाथों पकड़ा गया।
-
दुनिया
-
अकेले रहने वाले बुजुर्गों को टारगेट कर रहे Cyber ठग, Gwalior में 90 साल Couple शिकार
-
Indian क्रिकेट के सूरमाओं का सरेंडर, Super 8 के पहले मैच में करारी हार
-
अमेरिकी TRADE DEAL के खिलाफ INC आंदोलन की तैयारी, RAHUL GANDHI व खड़गे की उपस्थिति में BHOPAL में पहला किसान सम्मेलन
-
फिर Political माहौल की गर्मा गरमी के बीच बेतुका फैसला, MP कांग्रेस के प्रवक्ताओं की छुट्टी
-
आमिर, सलमान के प्लेन को उड़ाने वाली MP की पायलट संभवी पाठक महाराष्ट्र के Dy CM के साथ हादसे में मृत
-















