कांग्रेस में पहली बार यह सुनने को मिल रहा है कि मध्य प्रदेश में अध्यक्ष जीतू पटवारी की कार्यकारिणी में पदाधिकारियों की नियुक्ति में किसी भी नेता की सिफारिश नहीं सुनी जाएगी। लोकसभा प्रत्याशियों की भोपाल के प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में हुई बैठक में यह गाइड लाइन बनी है जो मुंगेरीलाल के हसीन सपने जैसी साबित होने वाली रणनीति की तरह अभी से शंकाओं के घेरे में बताई जाने लगी है। पढ़िये रिपोर्ट बैठक में और किस तरह की गाइड लाइन बनी जिसे प्रदेश प्रभारी महासचिव भंवर जितेंद्र सिंह ने हरी झंडी दी।
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