Digvijay singh ने कहा neither tired nor retiring दोहराया राजनीति से सन्यास नहीं लेंगे

रवींद्र कैलासिया राज्यसभा सदस्य और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अपने राज्यसभा कार्यकाल के पूरे होने के बाद सन्यास की चर्चाओं के बीच फिर अपनी आगामी कार्ययोजना के बारे More »

विवादित BHOPAL BJP कार्यकारिणी का आकार घटा, Ravindra Yati नौ पदाधिकारी ही बचा पाए

रवींद्र कैलासिया, भोपाल। मध्य प्रदेश भाजपा की जिलों में गठित हो रहीं कार्यकारिणी में तीन सप्ताह पहले राजधानी भोपाल की जिला कार्यकारिणी के विवाद में फंस जाने के बाद रविवार रात को More »

शराब घोटाले से बरी होने के बाद Kajriwal की ललकार, devlop country के बयानों पर कहा पहले रहने लायक तो बना दो

शराब घोटाले से दिल्ली की एक अदालत से बरी किए जाने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने रविवार को जंतर मंतर मैदान से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी More »

POLICE की वर्दी पहनते ही REEL में दिखाया रौब, नप सकते हैं छह नव आरक्षक

सरकारी नौकरी और ऊपर से वर्दीधारी यानी करेला और ऊपर से नीम चढ़ा तो रौब तो होगा ही। मध्य प्रदेश पुलिस के छह सिपाही जिनकी अभी ट्रेनिंग भी पूरी नहीं हुई है, More »

Don’t Worry be alrt…Bhopal में बच्चा चोरी करने वाला गिरोह नहीं, Instagram पर चल रहे Video की जांच में खुलासा

इंस्टाग्राम पर पुराने वीडियो को पोस्ट करने के बाद भोपाल में बच्चा चोरी करने वाले गिरोह के सक्रिय होने का जो डर लोगों में बैठा था, उसे देखते हुए पुलिस ने मामले More »

AMBEDKAR जयंती पर महाकुंभः भीड़ लाने पर करोड़ों का खर्च, सरकारी विभाग मांग रहे एक-दूसरे से राशि

चुनाव साल में अब राजनीतिक पार्टियों का ध्यान वर्ग-समाज की तरफ बढ़ गया और भाजपा जहां सत्ता में होने की वजह से घोषणाएं कर रही है तो कांग्रेस वादा कर उनकी सरकार बनाने की बातें कर रही है। हार-जीत को प्रभावित करने वाले अनुसूचित जाति के लिए अब आंबेडकर जयंती पर ग्वालियर में महाकुंभ का आयोजन किया जा रहा है लेकिन इसमें भीड़ जुटाने के लिए अब सरकार के विभागों को जिम्मेदारी दी गई है। भीड़ जुटाने के लिए गाड़ियों की जरूरत होगी तो विभाग एक-दूसरे से एडवांस राशि मांग रहे हैं। पढ़िये किस विभाग ने किस से मांगी कितनी राशि।

MP TBC: करोड़ों का प्रिंटिंग पेपर-छपाई कारोबार, किराये के डिपो व सालों से जमे मैनेजरों का खेल

मध्य प्रदेश में ऐसे चुनिंदा निगम-मंडल हैं जो नफा-नुकसान से बहुत ऊपर हैं। पाठ्य पुस्तक निगम में करोड़ों के प्रिंटिंग पेपर-छपाई का कारोबार है लेकिन इसके बाद भी अब तक उसके अपने डिपो नहीं है और किराये के डिपो में जो मैनेजर या प्रमुख अफसर हैं, वे सालों से जमे हैं। पढ़िये पाठ्य पुस्तक निगम की डिपो के खेल की इनडेप्थ स्टोरी।

बुरहानपुर में जंगल पर कब्जा करने वालों का आतंक, सुनिये कलेक्टर-एसपी के सामने कैसे गिड़गिड़ा रहे लोग

जंगल पर कब्जा करने वालों का आतंक अब केवल जंगल तक सीमित नहीं रह गया है बल्कि बस्तियों और पुलिस थाने तक पहुंच गया है। वन विभाग की चौकी के बाद वे पुलिस थाने पर हमला कर अपने साथियों को ले जाने से नहीं डर रहे हैं। आम नागरिकों ने एसपी-कलेक्टर के सामने किस तरह गिड़गिड़ाकर अपनी जान की भीख मांगी और प्रशासन से सवाल किए सुनिये वीडियो में।

लड़कियों के पहनावे पर विजयवर्गीय का बयान देवी नहीं ‘शुपर्णखा’ दिखती हैं

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय जैन समाज के कार्यक्रम में लड़कियों के पहनावे पर फिर रावण की बहन शुपर्णखा से तुलना की. विजयवर्गीय ने कहा कि देवी नहीं वह शुपर्णखा लगती हैं. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के मीडिया सलाहकार पीयूष बबेले ने इस बयान पर तंज कसते हुए कहा कि भाजपा की लाडली बहना पाखंड है भाजपा को हमेशा महिलाओं का अपमान करने की आदत है.

क्या उषाराज उज्जैन जेल के जीपीएफ घोटाले से बनी करोड़पति…? लॉकर खुला तो निकला खजाना

उज्जैन जेल अधीक्षक रही उषाराज आखिर कैसे करोड़पति बन गई? क्या उसने जेल कर्मचारियों के जीपीएफ घोटाले की कमाई को सोने-चांदी, मकान-प्लाट के अलावा किसी और जगह भी इनवेस्ट किया है? लॉकर से मिले खजाने के बाद यह सवाल अब और ज्यादा उठ रहे हैं। पुलिस को लॉकर के अलावा अब उषाराज के अन्य इनवेस्टमेंट का पता लगाने के लिए और ज्यादा मेहनत-मशक्कत करना होगी। पढ़िये करोड़पति बनी उषाराज के लॉकर का राज।

CM ने ‘पागल’ कहा तो कमलनाथ ने उनकी भाषा को ‘सड़क छाप गुंडा’ वाली कहा, विरोध करने उतरी कांग्रेस आग से खेली

चुनावी साल में नेताओं की जुबान फिसलना शुरू हो गई है और शब्दों को पकड़कर अब पार्टियों के एक-दूसरे पर हमले भी तेज हो गए हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज कमलनाथ को पागल कह दिया तो कमलनाथ ने भी उनकी भाषा को सड़क छाप गुंडे वाली करार दिया है। कांग्रेस पार्टी विरोध में उतरी तो उसके नेता सड़क पर आग से खेलते दिखाई दिए। देखिये वीडियो।

ये कैसी गुड गर्वनेंस: MP TBC में अफसर एक हाथ से फाइल बनाते हैं दूसरे से बॉस बनकर फैसला लेते हैं

मध्य प्रदेश में कुछ दफ्तर ऐसे हैं जहां बड़े बिजनेस ग्रुप की तरह 500-700 करोड़ रुपए का कारोबार होता है लेकिन वहां ऐसे अफसरों का दबदबा होता है जो खुद फाइल तैयार करते हैं और खुद ही उस पर फैसला करने वाले होते हैं। ऐसा ही एक ऑफिस है मध्य प्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम। आईए आपको बताते हैं इस दफ्तर में कितने अधिकारी हैं जिनके आगे-पीछे की कुर्सियां जब उन्होंने चाहा तब सरकार ने भरी हैं।

कर्मचारियों-पेंशनर्स को खुशखबरीः पेंशन योजना में सुधार के लिए सरकार ने बनाई समिति

सरकारी कर्मचारियों के लिए पेंशन ही रिटायरमेंट के बाद का सहारा होती है जिसको लेकर केंद्र और राज्य सरकार के कर्मचारी व पेंशनर्स काफी समय से लड़ाई लड़ रहे हैं। केंद्र सरकार ने अब नेशनल पेंशन स्कीम में सुधार के लिए एक कमेटी बना दी है जो अब पेंशन योजना की समीक्षा करेगी और सुझाव लेकर अपनी अनुशंसा सरकार को पेश करेगी। आईए बताएं पेंशन सुधार के लिए बनी कमेटी में कौन-कौन होंगे और क्या काम होगा।

मुरैना SP आशुतोष बागरी अचानक क्यों हटाए, पढ़िये रिपोर्ट

मध्य प्रदेश के चंबल के मुरैना जिले के एसपी आशुतोष बागरी को अचानक हटा दिया गया है। तीन दिन पहले भी कुछ इसी तरह भोपाल के कलेक्टर अविनाश लवानिया को राज्य शासन ने हटाकर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को जिम्मेदारी सौंपी थी लेकिन दो दिन बाद संशोधित आशीष सिंह को कलेक्टर बनाया गया। आखिरी क्या वजह रही कि बागरी को ऐसे हटाया गया और इसके पीछे क्या कारण रहे, आपको इस रिपोर्ट में हम बता रहे हैं।

सरकार की पेंशन के पात्र पेंशनर्स को DR, इन छह श्रेणी के पेंशनर्स को मिलेगी

केंद्र सरकार ने अपने पेंशनर्स को महंगाई राहत देने के आदेश आज जारी कर दिए और इसमें पेंशन व फेमली पेंशन के पात्रों को एक जनवरी 2023 से महंगाई राहत 38 से बढ़ाकर 42 फीसदी मिलेगी। जानिये सरकार ने किन श्रेणी के पेंशनर्स को यह महंगाई राहत दी है।

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