मध्य प्रदेश में कुछ महीनों से सत्ता और संगठन के बीच जिस अंतर का अहसास कुछ घटनाक्रमों से नजर आ रहा था, लगता है कि वह विधायक हेमंत खंडेलवाल के प्रदेश बीजेपी की कमान संभालने के बाद दूर होता दिखाई दे रहा है। भोपाल में जिस गर्मीजोशी के साथ खंडेलवाल-मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की जोड़ी नजर आ थी वही जोश का दिल्ली में उनके साथ-साथ वरिष्ठ नेताओं के साथ मुलाकातों में अहसास हुआ है। पढ़िये भाजपा के मध्य प्रदेश में सत्ता-संगठन की जुगलबंदी पर रिपोर्ट।
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