मंत्री विजय शाह के सरकारी निवास पर कांग्रेस का प्रदर्शन, प्रवेश द्वार पर काली स्याही फेंकी, नेम प्लेट पर कालिख पोती

मध्य प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री विजय शाह की कर्नल सोफिया कुरेशी पर अपमानजनक टिप्पणी को लेकर सरकार के एक्शन नहीं लेने कोर्ट के आदेश पर कांग्रेस उग्र हो गई है। कांग्रेस More »

MLA’s और लोकतंत्र मजबूत बनाने वाले तत्‍वों का संरक्षण करे विधायिका: तोमर

जनता के विश्वास की रक्षा करना हमारा सर्वोच्च दायित्व है। यह विश्वास ही हमारी शक्ति है और यही हमारी जिम्मेदारी भी। विधायिका के सदस्यों का आचरण, सदन के भीतर और बाहर दोनों More »

MP नगरीय विकास विभाग दागदारः दूषित पानी से बदनाम हुआ स्वच्छ Indore तो Bhopal के स्लाटर हाउस में गौ हत्या

देशभर में इन दिनों मध्य प्रदेश की बदनामी हो रही है। एकतरफ जहां स्वच्छ शहर का तमगों से जगमगा रहे इंदौर ने दूषित पानी से दर्जनों मौतों का कलंक ले लिया है More »

Madhya Pradesh High Court: नर्सिंग ऑफिसरों की 40 फीसदी सीधी भर्ती पर शासन को Notice, भर्ती पर कोर्ट की नजर

मध्य प्रदेश में कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से नर्सिंग ऑफिसर्स की भर्ती हो रही है जिसमें शासन 40 फीसदी पद सीधी भर्ती से भरने जा रहा है। मगर इस भर्ती को More »

Ground reality, गंदे नालों में डूबी drinking water पाइप लाइनें, शुद्ध पानी कैसे मिले….

मध्य प्रदेश का इंदौर ही नहीं, भोपाल हो या अन्य शहर, वहां पीने के पानी की पाइप लाइनों को बिछाते समय जमीनी स्तर पर काम का निरीक्षण नहीं होता और पाइप लाइन More »

ऑन द स्पॉट एक्शन पर हाईकोर्ट का स्टे, कमलनाथ के क्षेत्र छिंदवाड़ा का अफसर लाया आदेश

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा पिछले दिनों ऑन द स्पॉट एक्शन लेकर अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ मंच से कार्रवाई की जा रही थी लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के क्षेत्र छिंदवाड़ा में जब उन्होंने एक अधिकारी को निलंबित किया तो वह हाईकोर्ट चला गया। इस अधिकारी को अदालत से राहत मिली और सीएम के ऑन द स्पॉट एक्शन पर स्टे दे दिया गया।

संस्कृति विभाग के राष्ट्रीय-राज्य सम्मानः इंदौर के डॉ. दुबे को हिंदी साहित व वीरमणि को उर्दू साहित शिखर सम्मान

मध्यप्रदेश संस्कृति विभाग द्वारा इस वर्ष 2021 का हिंदी साहित शिखर सम्मान डॉ. अश्विनी कुमार दुबे व उर्दू साहित शिखर सम्मान डॉ.नरेंद्र वीरमणि को दिया जा रहा है। संस्कृति विभाग प्रतिवर्ष कला, संस्कृति, साहित्य, संगीत की विभिन्न विधाओं में राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर सम्मान प्रदान करता है और वर्ष 2021 के राष्ट्रीय एवं राज्य सम्मानों की चयन समिति की बैठकें विगत दिनों भोपाल में आयोजित की गई थी।

आईआरसीटीसी की टूरिस्ट ट्रेन में सात ज्योतिर्लिंग,स्टैच्यू ऑफ यूनिटी यात्रा, जानिये कितने खर्च में कब होंगे दर्शन

इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन लिमिटेड (आईआरसीटीसी) द्वारा टूरिस्ट ट्रेन में इस बार सात ज्योतिर्लिंग व कुछ पर्यटक स्थलों की सैर कराने की तैयारी है। यह ट्रेन मध्य प्रदेश में रीवा, भोपाल, जबलपुर और इंदौर से मिलेगी। जानिये यह टूरिस्ट ट्रेन कब, कहां से और कितने खर्च पर आपको दर्शन कराएगी।

चिरायु अस्पताल के डॉ. गोयनका जितने भाजपा के उतने ही कांग्रेस के, अविश्वास में खुली पोल

भोपाल की पहचान बड़ी झील के कैचमेंट एरिया में चिरायु अस्पताल बन गया है जिसकी एक मंजिल बारिश में पानी में डूब जाती है। मगर ऐसे चिरायु अस्पातल के कर्ताधर्ता डॉ. गोयनका जितने भाजपा के निकट हैं उतने ही कांग्रेस के भी करीबी हैं। विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान आज जब कांग्रेस ने शिवराज सरकार को घेरा तो शिवराज सरकार के पक्ष में खड़े हुए भाजपा विधायकों ने कमलनाथ, दिग्विजय सिंह सरकार की बखिया उधेड़ी तो उसमें भोपाल की शान बड़ी झील के कैचमेंट को पूरकर बनाए गए चिरायु अस्पताल के मालिक की दोनों कश्तियों में सवारी सामने आई।

सीएम से मिले, पत्र लिखा परंतु नहीं बन सके डीजी, इन आईपीएस ने देखा था सपना

मध्य प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी 1989 बैच के गाजीराम मीणा ने रिटायरमेंट के पहले महानिदेशक पद पर प्रमोशन की कोशिश की थी लेकिन दो साल के लिए दो अतिरिक्त महानिदेशक पद बनाने के उनकी मांग को नहीं माना गया। अब वे इस महीने अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक के रूप में ही रिटायर हो जाएंगे। उन्होंने अपने सपने को पूरा करने के लिए मुख्यमंत्री से लेकर सरकार के कई स्तर पर प्रयास किए लेकिन कहीं उनकी बात को विशेष तवज्जोह नहीं मिली।

महाकाल में मोबाइल प्रतिबंधित किए जाने के पहले दिन 14000 लॉकर में रखे गए


उज्जैन के श्री महाकालेश्वर मंदिर परिसर मैं मोबाइल प्रतिबंधित किए जाने के पहले दिन ही 14000 मोबाइल लॉकर में रखे गए. श्रद्धालु जनों द्वारा मोबाइल के मंदिर परिसर में उपयोग को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया सामने आई है. मंदिर प्रशासक संदीप सोनी के अनुसार मोबाइल प्रतिबंध किए जाने के बाद लॉकर व्यवस्था के पहले दिन लगातार मॉनिटरी की गई.

शिवराज सरकार के खिलाफ दूसरी बार अविश्वास, विधानसभा में बुधवार को 51 आरोपों पर चर्चा

मध्य प्रदेश में चौथी बार सरकार संभाल रहे शिवराज सिंह चौहान के खिलाफ एकबार फिर अविश्वास प्रस्ताव आया है जिसे विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने स्वीकार करते हुए बुधवार को विधानसभा में इस पर चर्चा का समय तय किया है। इसके पहले मध्य प्रदेश में 28 बार विभिन्न सरकारों के खिलाफ विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव ला चुका है जिसमें सबसे ज्यादा अर्जुन सिंह ने पांच बार इनका सामना किया है।

टाइगर मूवमेंट क्षेत्र में फोटोग्राफी पर मिले नोटिस से रूठी अभिनेत्री रवीना मानी, अब मेहमान बनकर आ रहीं

मशहूर फिल्म अभिनेत्री रवीना टंडन ने सोशल मीडिया पर भोपाल के वन विहार में पर्यटकों की टाइगर पर पत्थर फेंके जाने की एक्टिविटी से दिखाई थी। इसी बीच उनके ट्विटर हैंडल पर मध्य प्रदेश के एक टाइगर मूवमेंट क्षेत्र में उनके नजदीकी से फोटोग्राफी करते हुई पोस्ट को लेकर उन्हें नोटिस दे दिया गया था। तब से ही वे मध्य प्रदेश वन विभाग से बेहद खफा चल रही थीं। मगर अब यही अभिनेत्री वन विभाग के बुलावे पर मेहमान बनकर आ रही हैं। आपको बता रहे हैं कि आखिर कौन है वह शख्स जिसने रवीना टंडन को मनाया।

मध्य प्रदेश में 28वें अविश्वास प्रस्ताव के 51 आरोप, सदन में चर्चा कराने पर फैसले का इंतजार

मध्य प्रदेश के अब तक के 28 वें मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की चौथी सरकार के खिलाफ नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह के नेतृत्व में लाया जा रहा अविश्वास प्रस्ताव 28वां है लेकिन इसे चर्चा के लिए स्वीकार किए जाने पर आज भी संशय बना हुआ है। प्रतिपक्ष कांग्रेस ने शिवराज सरकार के खिलाफ दूसरी बार लाए जा रहे अविश्वास प्रस्ताव में 51 आरोप लगाए हैं जिन्हें आज मध्यान्ह विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम को सौंपा गया। आरोपों के घेरे में सरकार को हर तरफ घेरने की कोशिश की गई है जिसमें सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार के मुद्दे पर घेराबंदी की गई है। देखना यह है कि पांच दिन के इस सत्र में से शेष चार दिन में अविश्वास प्रस्ताव के लिए समय दिया जाता है या इसे नियम-प्रक्रिया का हवाला देकर निरस्त कर दिया जाता है। जिन आरोपों से सरकार को घेरा गया है, उनके बारे में हम आपको बता रहे हैं।

शिवराज सरकार के मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के बोलों का रहस्य, सरकार गिरने के बयान में छिपा क्या राज

ढाई साल पहले कमलनाथ सरकार के गिरने के बाद अब उस समय की परिस्थितियों की परतें खुलने का समय आ गया है क्योंकि अब विधानसभा चुनाव 203 में समय बहुत कम बचा है। उस समय सरकार गिराने वाले विधायकों में शामिल मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने एक बयान से दो निशाने लगाए हैं। इससे यह कहा जा रहा है कि एक तो उन्होंने अपने भीतर के दर्द को निकाला है तो दूसरा कांग्रेस के भीतर चल रही गुटीय राजनीति में सेंधमारी की है।

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