वनों और वन्य प्राणियों की सुरक्षा में जान की बाजी लगाने वाले देवास वन मंडल के रतनपुर फॉरेस्ट गार्ड मदनलाल वर्मा की 2 साल पहले शिकारियों की गोलियों से मौत के बाद सरकार ने उन्हें शहीद का दर्जा और एक करोड रुपए परिजनों को देने का ऐलान किया था मगर शनिवार को उनकी दूसरी बरसी है और आज तक ना उन्हें शहीद का दर्जा मिला ना ही उनके परिजनों को सरकार से 10000000 रुपए की पूरी राशि मिल पाई है. यह जरूर हुआ है कि वर्मा के बेटे जितेंद्र को सरकार ने अनुकंपा नियुक्ति देकर फॉरेस्ट गार्ड की नौकरी दी है. अब मदन लाल वर्मा के परिवार को सहित का दर्जा दिए जाने और करोड रुपए की राशि मिलने की आज भी उम्मीद है.
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