22 साल पहले जबलपुर नगर निगम में आयुक्त व संचालक रोजगार की पोस्टिंग के बैंकों से ऋण लिया था। उसी दौरान लोकायुक्त केसों में फंसने वाले रमेश थेटे व उनकी पत्नी पर रिटायरमेंट के बाद फिर एक एफआईआर दर्ज हुई है। यह वही थेटे हैं जिन्होंने आईएएस राधेश्याम जुलानिया को जातिवादी तो आईएएस जेएन कंसोटिया के आरक्षण बचाओ आंदोलन की रिजर्व केटेगरी के होने के बाद भी खिलाफत की थी। आपको बता रहे हैं सर्विस के दौरान और रिटायरमेंट के बाद थेटे कैसे चर्चा में रहे।
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