अंतर्राष्ट्रीय श्रीरामलीला उत्सव में आज कर्नाटक की एक हजार साल पुरानी यक्षगान शैली के माध्यम से श्रीरामकथा के विभिन्न प्रसंगों की प्रस्तुति दी गई। इस शैली में पात्र 15 से लेकर 20 किलोग्राम वजन के आभूषणों के साथ पारंपरिक वेशभूषा में प्रसंगों को मंच पर पेश करते हैं। आज कठपुतली से भी श्रीरामकथा के प्रसंगों को प्रस्तुत किया गया।
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