JAYS का टारगेट बना पुलिस का RI सौरभ कुशवाह, वही जो KHANDWA में सालभर पहले सुर्खियों में आया था

पुलिस में यूं तो हजारों वर्दीधारी होते हैं मगर कुछ ही होते हैं जो चर्चा में बनते रहते हैं। मध्य प्रदेश पुलिस में इन दिनों सौरभ कुशवाह का नाम सुर्खियों में है More »

CM HOUSE में OBC RESERVATION पर ALL PARTY MEETING में सहमति बनी दिखावा, बाहर निकलते ही विपक्ष की BJP सरकार की घेराबंदी

मध्य प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग को 27 फीसदी आरक्षण पर चली आ रही राजनीति मुख्यमंत्री निवास में सीएम डॉ. मोहन यादव की पहल पर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में तथाकथित सहमति More »

Bhind में कलेक्टर को BJP MLA ने चोर कहा, मुक्का दिखाकर मारने दौड़े, कलेक्टर के बंगले में घुसे MLA

मध्य प्रदेश के भिंड जिले में भाजपा विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह और कलेक्टर व वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संजीव श्रीवास्तव के बीच कलेक्टर बंगले के बाहर जमकर कहा सुनी हुई। कलेक्टर को एमएलए More »

Bhopal की Bank अधिकारी की यूरोप में ऊंची चढ़ाई, माउंट Elbrus पर फहराया तिरंगा

यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस पर मध्य प्रदेश के भोपाल की एक महिला बैंक अधिकारी ने फतह हासिल की है। बैंक अधिकारी ने रविवार को सुबह एल्ब्रुस चोटी पर तिरंगा More »

भोपाल के दो ज्वेलर्स ने बैंकों को गोल्ड लोन में लगाया 26 करोड़ का चूना, यूको बैंक की चार शाखा को ठगा

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में यूको बैंक की चार शाखाओं के वैल्यूअर्स, जो ज्वेलर हैं, ने नकली सोने से गोल्ड लोन दिलाकर चूना लगाया है। ऐसे एक दो नहीं बल्कि करीब More »

वन मंत्री रावत की हार में चुनाव से दूर रहे किस नेता की हुई जीत, जानें किन नेताओं के वर्चस्व की लड़ाई में मोहरा बने रावत

मध्य प्रदेश के विजयपुर विधानसभा उपचुनाव में वन मंत्री और भाजपा के प्रत्याशी रामनिवास रावत की हार पार्टी के दो नेताओं के बीच ग्वालियर-चंबल में चल रही वर्चस्व की लड़ाई का नतीजा माना जा रहा है। हालांकि मंत्री की इस हार के पीछे भाजपा के वन मंत्री की हार का एक मिथक भी बताया जा रहा है जिसमें विजय शाह को छोड़कर जो भी वन मंत्री रहा वह चुनाव हारकर हाशिये पर चला गया है। पढ़िये रामनिवास रावत की हार की वरिष्ठ पत्रकार रवींद्र कैलासिया की विश्लेषण रिपोर्ट।

CS की तरह DGP चयन में दिल्ली की मर्जी चलेगी या इस बार MP करेगा फैसला, दिल्ली और MP के ये होंगे चेहरे

मध्य प्रदेश में मुख्य सचिव के बाद अब एक दिसंबर से नया पुलिस महानिदेशक आ जाएगा लेकिन जिस तरह मुख्य सचिव अनुराग जैन का फैसला आखिरी दिन अंतिम क्षणों तक रहस्यमय बना हुआ था, वही परिस्थितियां डीजीपी को लेकर बनती नजर आ रही हैं। सीएस की तरह डीजीपी के चयन में भी दिल्ली की चलेगी या मध्य प्रदेश इस बार फैसला लेगा, यह रहस्य बरकरार है। पढ़िये दिल्ली की चली तो कौन होगा डीजीपी और मध्य प्रदेश फैसला लेगा तो कौन पुलिस प्रमुख की कमान संभालेगा।

PCC के संगठन प्रभारी की जिम्मेदारी के दावेदार रवि-महेंद्र जोशी, शैलेंद्र पटेल जिला प्रभारी बने, राजीव की कुर्सी बची या कोई और चर्चा में

मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी की नवगठित कार्यकारिणी में उपाध्यक्षों, महासचिवों, सचिवों-सह सचिवों को शुक्रवार की शाम जिला प्रभारी-सह प्रभारी बना दिए जाने के बाद अब संगठन प्रभारी को लेकर चर्चा जोरों पर है। प्रमुख दावेदार माने जा रहे तीन नेताओं रवि जोशी, महेंद्र जोशी और शैलेंद्र पटेल को जिलों का प्रभार दे दिए जाने के बाद अब मौजूदा संगठन प्रभारी उपाध्यक्ष राजीव सिंह की कुर्सी बरकरार रहेगी या फिर कुर्सी पर कोई दूसरा नेता आएगा, यह चर्चा तेज हो गई है। पढ़िये इस पर हमारी एक विशेष रिपोर्ट।

हाथियों के प्रबंधन का अध्ययन दल पहुँचा अन्नामलाई टाइगर रिजर्व

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हाथियों की मौत की घटनाओं के बाद हाथी संरक्षण को लेकर मध्य प्रदेश सरकार ने वन विभाग के अमले को हाथियों के साथ कैसा व्यवहार किया, इसका प्रशिक्षण देने का फैसला किया। इसके लिए हाथियों के साथ व्यवहार सीखने एक अध्ययन दल को तमिलनाडु के अन्नामलाई नेशनल पार्क में भेजा गया है। पढ़िये रिपोर्ट।

गीता को आचरण और व्यवहार में धारण कर सन्मार्ग पर चलकर पा सकते हैं सफलता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भगवान श्रीकृष्ण का मध्यप्रदेश की धरती उज्जैन पधार कर आचार्य सांदीपनि जी से शिक्षा प्राप्त करना सनातन संस्कृति की अद्वितीय घटना है। महाभारत जैसे भीषण युद्ध के बीच शास्त्र सम्मत मार्ग दिखाते हुए कर्मवाद की शिक्षा देने का उनका प्रयास और विश्व को श्रीमद् भगवद गीता की देन अद्वितीय है। शास्त्र के रूप में स्थापित भगवद गीता विद्वतजन, ऋषि मुनि से लेकर जन-सामान्य तक के मन में जिज्ञासा भी उत्पन्न करती है और समाधान भी प्रदान करती है। गीता को आचरण और व्यवहार में धारण कर मानव, अपने जीवन को कर्मवाद से जोड़कर सद्मार्ग का अनुसरण करते हुए सफलताएं प्राप्त कर सकता है।

इस वर्ष गीता जयंती पर इस्कॉन के साथ मिलकर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा भगवद गीता पर केंद्रित प्रतियोगिता कराने का निर्णय लिया गया है। गीता के श्लोकों का वाचन, अध्ययन-मनन और भगवद गीता में लोगों की रुचि बढ़ाने के उद्देश्य से यह अकादमिक अभियान चलाया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों से अधिक से अधिक संख्या में इस प्रतियोगिता में भाग लेने की अपील की।

स्कूल शिक्षा विभाग और विक्रमादित्य शोध पीठ द्वारा इस्कॉन के सहयोग से होगी प्रतियोगिता

उल्लेखनीय है कि भगवद गीता आधारित मूल्य शिक्षा प्रतियोगिता, स्कूल शिक्षा विभाग और संस्कृति विभाग के विक्रमादित्य शोधपीठ द्वारा इस्कॉन के सहयोग से आयोजित की जा रही है। इसका उद्देश्य छात्रों में स्थायी नैतिक मूल्यों का संचार करना, चरित्र निर्माण को प्रेरित करना और आज के युवाओं में व्याप्त विभिन्न व्यसनों के खतरों के बारे में जागरूकता फैलाना है।

जिला स्तर पर 26 से 29 नवंबर तक होंगी प्रतियोगिताएं

जिला स्तरीय प्रतियोगिता के अंतर्गत कक्षा-9 से 12 तक के छात्रों के लिए ऑनलाइन क्विज-प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। प्रत्येक कक्षा की प्रतियोगिता के लिये पृथक-पृथक दिवस निर्धारित किये गये हैं, जिसमें 26 नवंबर को कक्षा -9वीं, 27 नवंबर को कक्षा-10वीं, 28 नवंबर को कक्षा-11वीं और 29 नवंबर को कक्षा-12वीं के छात्रों के लिये क्विज प्रतियोगिता होगी। सभी परीक्षाएं स्कूल में दोपहर 12 बजे से 1 बजे तक आयोजित की जाएंगी। भागीदारी के लिये लिंक 19 नवंबर तक उपलब्ध करवाई जायेगी। प्रत्येक जिले में कक्षा के शीर्ष प्रदर्शन करने वाले छात्र राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में 10 दिसंबर 2024 को उज्जैन में गीता महोत्सव के दौरान शामिल होंगे।

राज्य स्तरीय विजेताओं को मुख्यमंत्री द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा। यह मूल्य शिक्षा प्रतियोगिता छात्रों के शैक्षिक पाठ्यक्रम को आवश्यक नैतिक मूल्यों जैसे सत्यनिष्ठा, सहानुभूति, सम्मान और उत्तरदायित्व से समृद्ध बनाने के लिए डिजाइन की गई है। साथ ही उन्हें व्यसनों के हानिकारक प्रभावों के प्रति जागरूक करना और जिम्मेदार एवं नैतिक रूप से भविष्य के जागरूक नागरिकों के रूप में उनके व्यक्तित्व के विकास का प्रयास भी इस पहल का लक्ष्य है।

PCC की नवगठित कार्यकारिणी की बैठक में महासचिव से सचिव बने नेता ने नए पद के साथ परिचय दिया तो ऐसा हुआ….

मध्य प्रदेश कांग्रेस की जीतू पटवारी की नई कार्यकारिणी के पदाधिकारियों की बैठक में सचिव बनाए गए एक नेताजी ने अपना कुछ इस तरह परिचय दिया कि प्रदेश अध्यक्ष पटवारी को बताना पड़ा कि मैंने ऐसे पदाधिकारियों से माफी मांग ली है। आखिर सचिव बनाए गए किस पदाधिकारी ने ऐसा परिचय दिया कि पीसीसी चीफ जीतू पटवारी को भरी बैठक में माफी की बात का खुलासा करना पड़ा, पढ़िये हमारी विशेष रिपोर्ट में बैठक के कुछ ऐसे संवादों का संक्षिप्त विवरण।

जंगल के ‘युवराज’ का पर्यटन शौक पार्क अमले पर पड़ रहा है भारी

जंगल महकमे के एक सीनियर आईएफएस अधिकारी के पुत्र का पर्यटन शौक पार्क प्रबंधन में जुटे अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए भारी पड़ रहा है। अफसर पुत्र टाइगर रिजर्व में आलीशान प्राइवेट रिजॉर्ट में रुकते और उसका भुगतान अमले को करना पड़ रहा है।

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हाथियों की मौत मामले में अब PCCF वाइल्डलाइफ अंबाड़े पर गिरी गाज, शुभरंजन सेन फिर लौटे

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में करीब तीन सप्ताह पूर्व हुईं हाथियों की मौत के मामले में अब राज्य सरकार ने वाइल्डलाइफ के प्रमुख को हटाकर सख्त फैसला लिया है और पीसीसीृएफ वाइल्डलाइफ रहे शुभरंजन सेन को एकबार फिर कमान सौंपी गई है। मौजूदा पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ बीएन अंबाड़े को भोपाल में वन विकास निगम में पदस्थापना दी गई है। पढ़िये रिपोर्ट।

मैक्सिको, उरुग्वे, वेनेज़ुएला से बौद्ध विद्वान पहुंचे सांची विश्वविद्यालय

उत्तरी अमेरिकी देश मैक्सिको से आए बौद्ध विद्वानों ने साँची बौद्ध भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय का दौरा किया। दल के अगुवा और मैक्सिको में पहला बौद्ध विहार शुरु करने वाले नंदीसेना समेत पूरे दल का स्वागत कुलगुरु प्रो. वैद्यनाथ लाभ ने किया। मैक्सिको, वेनेज़ुएला और उरुग्वे के इस दल ने बताया कि 25 वर्ष पहले नंदीसेना जी ने मैक्सिको में पहला बौद्ध विहार स्थापित किया था। दूसरी बौद्ध पद्धति के अनुयायी चाहे तो वे मैक्सिको में जमीन उपलब्ध करा सकते हैं। 

कांग्रेस में जीतू पटवारी को पहली-दूसरी लाइन के दिग्गज नहीं मान रहे अपना नेता, 96 में से 47 ही पहुंचे बैठकों में

मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी की दस महीने बाद घोषित कार्यकारिणी में बड़े नेताओं व उनके समर्थकों को स्थान नहीं दिए जाने की प्रतिक्रिया गुरुवार को बुलाई पॉलीटिकल अफेयर्स कमेटी, कार्यकारिणी के विशेष व स्थायी आमंत्रिों की बैठक में नजर आई। पहली और दूसरी लाइन के बड़े नेताओं सहित करीब 49 नेता बैठक से दूर रहे। मध्य प्रदेश कांग्रेस के जिन 96 प्रमुख नेताओं को बैठक में पहुंचना था, उनमें से केवल 47 ही पहुंचे। पढ़िये रिपोर्ट।

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