पुलिस के सायबर सेल द्वारा सायबर अपराधियों द्वारा इंटरनेट बैंकिंग में विभिन्न प्रकार से की जाने वाली जालसाजी के संबंध में बैंक खातेदारों को जागरूक बनने की अपील की है। सायबर अपराधियों द्वारा इंटरनेट बैंकिंग की लाॅगिन आईडी और पासवर्ड प्राप्त किया जाता है और अकाउंट में से कुछ राशि की ई-टीडीआर फिक्स डिपाॅजिट की जाती है। इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के ओटीपी की जरूरत नहीं होती है। बैंक खातेधारी से खाते से रूपए काटते हुए नया एफडी खाता बनाया जाता है, जिसके कारण खातेदार के बैंलेंस में बनाई गई नई एफडी की राशि कम दिखाई देती है।
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