कांग्रेस अब उन स्थानों पर जोर दे रही है जहां वह पिछले पांच चुनाव में हारती रही है और इनमें राजधानी भोपाल की बैरसिया-गोविंदपुरा सीटें हैं। यहां उसे 50 सालों के विधानसभा चुनाव इतिहास में एक-एक बार ही जीत हासिल हुई है। ऐसी परंपरागत कमजोर सीटों पर आज पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह संगठन की मजबूती का मंत्र फूंककर आए हैं लेकिन यहां दावेदारों की लंबी सूची में शामिल नेताओं में से किसी का भी टिकट काटा जाता है तो असंतुष्टों से कांग्रेस को पार पाना मुश्किल दिखाई दे रहा है।
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