मध्य प्रदेश में विधानसभा सचिवालय अब युवाओं को अवसर देने के बजाय उम्रदराज लोगों की शरणस्थली बनती जा रही है। प्रमुख सचिव से लेकर अनुभाग अधिकारी स्तर तक के आधा दर्जन अधिकारी रिटायरमेंट के बाद भी किसी न किसी रूप में सचिवालय में जमे हैं। कुछ अधिकारी नियमों के लेकिन-परंतु की व्याख्या करते हुए रिटायरमेंट के कई साल बाद भी येनकेन प्रकारेण सरकारी सुविधाएं और रौब की धमक बनाए रखने कुर्सी पकड़े हैं। पढ़िये रिपोर्ट।
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