कटनी शहर में मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड (अब मध्य प्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल) ने अंग्रेजों के जमाने में स्थापित कलर की रेड ऑक्साइड फैक्टरी की जमीन कोलकाता के एक मालिक से खरीदी लेकिन लोकायुक्त विशेष पुलिस स्थापना में दो दशक पहले एफआईआर दर्ज करा दी गई। 21 साल कोर्ट में मामला चला और हाउसिंग बोर्ड को आर्थिक हानि पहुंचाने के आरोपों को अदालत ने गलत पाया और सौदे से हाउसिंग बोर्ड को करीब 20 करोड़ रुपए का फायदा होने के तथ्य पाते हुए आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया। अंग्रेजों के जमाने की कलर फैक्टरी कब स्थापित हुई और जमीन का विवाद कब से शुरू हुआ, कब-कब क्या हुआ, जानिये इस रिपोर्ट में।
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