सुभाष अमलियार ने चित्रकला अपनी माँ गंगुबाई से सीखी, जो स्वयं एक भीली चित्रकार हैं। साथ ही बेहतर जीवन के लिए मजदूरी का काम भी किया और छोटी उम्र से ही सुभाष, माँ गंगुबाई के साथ चित्र शिविरों, कला प्रदर्शनियों में आने-जाने लगे एवं माँ को चित्र बनाने में सहयोग भी करने लगे। माँ की मदद करते-करते एवं पढ़ाई के साथ समय मिलने पर स्वयं के लिए भी चित्र बनाये एवं प्रदर्शित भी किये। यह सिलसिला चलता रहा और चित्रकार श्री सुभाष भील चित्रों का अंकन करने लगे। श्री सुभाष भील कथाएं, प्रकृति , परिवेश, पशु-पक्षी, मनुष्य और उसके क्रियाकलाप को रंग-रेखाओं के माध्यम से उकेरते हैं।
-
दुनिया
-
US-INDIA ट्रेड डील के खिलाफ MODI पर जमकर बरसे RAHUL, बताया EPSTEIN फाइलों की धमकियों का दबाव
-
अकेले रहने वाले बुजुर्गों को टारगेट कर रहे Cyber ठग, Gwalior में 90 साल Couple शिकार
-
Indian क्रिकेट के सूरमाओं का सरेंडर, Super 8 के पहले मैच में करारी हार
-
अमेरिकी TRADE DEAL के खिलाफ INC आंदोलन की तैयारी, RAHUL GANDHI व खड़गे की उपस्थिति में BHOPAL में पहला किसान सम्मेलन
-
फिर Political माहौल की गर्मा गरमी के बीच बेतुका फैसला, MP कांग्रेस के प्रवक्ताओं की छुट्टी
-


















