Madhya Pradesh की बिजली कंपनी के Smart Meter लगे, मगर उपभोक्ता अब ऐसे हो रहे परेशान

मध्य प्रदेश की मध्य क्षेत्र की बिजली कंपनी ने स्मार्ट मीटर लगाने में इतनी जल्दबाजी की कि अब उपभोक्ता परेशान हो रहे हैं। स्मार्ट मीटर को लेकर बिजली कंपनी ने जो दावे More »

जनसंपर्क विभाग में प्रयोग सफल नहीं रहे तो दो साल में मनीष सिंह की वापसी

मध्य प्रदेश में सरकार की छवि को निखारने की जिम्मेदारी संभालने वाले मुख्यमंत्री के अंतर्गत आने वाले जनसंपर्क विभाग में दो साल में चार बदलाव किए गए हैं और इस अवधि में More »

Talent Hunt की चयन समिति में Yova कांग्रेस अध्यक्ष नहीं, पांच MLAs सहित 11 सदस्यों की Team करेगी चुनाव

मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रदेशभर के लिए ऐसे टैलेंट का चयन करने जा रही है जो लेखन, कविता पाठ, शायरी, गायकी जैसी विधाओं में पारंगत हों। इस टैलेंट हंट की चयन समिति में More »

फिर Political माहौल की गर्मा गरमी के बीच बेतुका फैसला, MP कांग्रेस के प्रवक्ताओं की छुट्टी

मध्य प्रदेश कांग्रेस में राजनीतिक परिस्थितियों को दरकिनार रखकर बेतुके फैसले लेने की एक परंपरा चली आ रही है जो इन दिनों दिल्ली में गरमाए राजनीतिक माहौल के बीच फिर से पीसीसी More »

Love जिहाद को रोकने Bhopal की श्री हिंदू उत्सव समिति का सनातनी सदस्यता अभियान

लव जिहाद को रोकने के लिए मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में श्री हिंदू उत्सव समिति ने सनातनी सदस्यता अभियान की शुरुआत की है। समिति के नवनिर्वाचित अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने अपने More »

सीधी-रीवा सड़क पर मोहनिया टनल के ऊपर से जा रही बाणसागर नहर फूटी, देखिये कैसे दृश्य बना

मध्य प्रदेश के सीधी-रीवा मार्ग पर बनी मोहनिया टनल के ऊपर से जा रही उत्तर प्रदेश की बाणसागर नहर फूट गई जिससे आसपास कई किलोमीटर तक पानी लबालब भर गया। कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल ने इस घटना की हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज से जांच कराने की मांग की है। देखिये कैसा नजारा बना।

वन-राजस्व सीमा विवाद में DFO को अभयदान और SDO हुए निलंबित

वन विभाग ने सीधी वन मंडल के अंतर्गत वन-राजस्व सीमा विवाद में चुरहट न्यायालय में कमजोर पैरवी करने के मामले में एसडीओ विद्याभूषण मिश्रा को निलंबित कर दिया जबकि इस विवाद में राज्य शासन ने सीधी डीएफओ क्षितिज कुमार को ओआईसी बनाया था। चूंकि प्रकरण के शुरुआत में डीएफओ की कमजोर पैरवी के चलते चुरहट की निचली अदालत के फैसले को जिला न्यायाधीश ने खारिज कर दिया और निचली अदालत को पुन: सुनवाई करने के निर्देश दिए। इसके बाद जब जिला न्यायाधीश के निर्देश पर अपील हाईकोर्ट जबलपुर में करने की बारी आई तब डीएफओ कुमार ने स्वयं को कार्रवाई से बचाने के लिए एसडीओ विद्याभूषण मिश्रा को ओआईसी बना दिया। एसडीओ विद्या भूषण ने एक पंचनामा डीएफओ को प्रस्तुत किया जिससे यह साबित हो रहा था कि डीएफओ की कार्रवाई दुर्भावनावश की गई है और बस यही पंचनामा उनके निलंबन का कारण बना।

‘शाह’ के परिवारवाद की परिभाषा से बचे नेता पुत्र, अब रेस में ये नेता पुत्र-पुत्री

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के परिवारवाद की परिभाषा को परिभाषित करने के बाद अब मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में यहां के नेता पुत्र और पुत्री टिकिटार्थियों की रेस में शामिल होने लगे हैं। ऐसे नेता पुत्र-पुत्री में मंत्रियों या पूर्व मंत्रियों के घर-परिवार के ज्यादा सदस्य हैं। पढ़िये रिपोर्ट।

पार्टी छोड़ने के पहले MLA वीरेंद्र रघुवंशी बोले सिंधिया समर्थक मंत्री सिसौदिया भ्रष्टाचार को मानते हैं ‘नेग’

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के पहले दल-बदल का सिलसिला तेज होता जा रहा है। आज भाजपा के विधायक वीरेंद्र रघुवंशी ने प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा को दो पेज का इस्तीफा भेजकर पार्टी छोड़ दी। उन्होंने ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक मंत्री महेंद्र सिंह सिसौदिया पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और कहा कि वे इसे नेग मानते हैं। पढ़िये रिपोर्ट।

दिग्विजय पर BJP का सामाजिक विद्वेष फैलाने का आरोप, ट्विटर एकाउंट बंद कराने की कोशिश

विधानसभा चुनाव में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोपों के दौर में भाजपा का कांग्रेस के दिग्गज नेताओं को घेरने का सिलसिला तेज हो गया है। भाजपा ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रदेश में सामाजिक विद्वेष भावना फैलाने का आरोप लगाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के ट्विटर एकाउंट को बंद कराने के लिए कोशिश तेज कर दी हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बाद प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने दिग्विजय को घेरा है। पढ़िये रिपोर्ट।

जंगल महकमे में APCCF के कई पद खाली, धीमान, बिभास, कृष्णमूर्ति की HQ में वापसी संभव

जंगल महकमे में एपीसीसीएफ के आधा दर्जन से अधिक पद रिक्त हैं। विभाग के पास एपीसीसीएफ स्तर के अधिकारियों का टोटा है। यही वजह है कि मुख्यालय में प्रतिनियुक्ति पर विभाग से बाहर पदस्थ आयुक्त मत्स्य महासंघ पीएल धीमान, फेडरेशन में पदस्थ बिभास ठाकुर और सतपुड़ा टाइगर के फील्ड डायरेक्टर एवं अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एल कृष्णमूर्ति की मुख्यालय में वापसी होने के संकेत मिले हैं। पढ़िए वरिष्ठ पत्रकार गणेश पांडेय की रिपोर्ट।

दलित की हत्या व युवती को निर्वस्त्र करने की घटना पर राजनीति, घटना के बाद CCTV कैमरों से घर की निगरानी

सागर में संत रविदास के स्मारक के भूमिपूजन के दो सप्ताह बाद ही एक दलित की दबंगों द्वारा पीट-पीटकर हत्या और उसकी मां-बहन की पिटाई व निर्वस्त्र किए जाने की घटना पर अब राजनीति तेज हो गई है। दो सप्ताह के बाद स्थानीय मंत्री भूपेंद्र सिंह मंगलवार को पीड़ित परिवार की सुध लेने पहुंचे तो आज पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह रक्षाबंधन पर्व के मौके पर पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। अब सामने आ रहा है कि घटना के पीड़ित परिवार के घर के आसपास सीसीटीवी कैमरों में वहां पहुंचने वालों की निगरानी की जा रही है। पढ़िये रिपोर्ट।

तेंदुआ संग पालतू जानवर जैसे सेल्फी लेते फोटो वीडियो-वायरल, देखिये MP में कहां का है वाक्या

मध्य प्रदेश में दक्षिण अफ्रीका जैसे पालतू वन्य प्राणी जैसे सेल्फी वाले वीडियो और फोटो वायरल हुए। मध्य प्रदेश के बताए जा रहे इन वीडियो और फोटो में लोगों की भीड़ तेंदुए की गर्दन पकड़कर उसकी सवारी करते अपने साथ ले जाते दिखाई दे रहे हैं तो एक तस्वीर में तेंदुए को नीचे बैठाकर ग्रुप फोटोग्राफी की गई। पढ़िये और देखिये क्या है मामला।

भोपाल हुजूर में दावेदारों में नंबर की टक्कर, मखमल-डागा-विश्वकर्मा के दौरों से कांग्रेस मैदान में दिखी

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के ऐलान के पहले कुछ प्रमुख सीटों पर चुनावी समीकरण बन और बदल रहे हैं और इनमें से एक विधानसभा सीट भोपाल की हुजूर है। यहां प्रोटेम स्पीकर रहे भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा अभी तक पार्टी के संभावित प्रत्याशी हैं जिनके खिलाफ कांग्रेस नेताओं के मैदान में उतरने के पहले नंबर की होड़ लगी है। पढ़िये इस नंबर की होड़ में शामिल मखमल मीणा, जीेतेंद्र डागा और विष्णु विश्वकर्मा जैसे दावेदारों पर रिपोर्ट।

राहुल के मंत्री बनाए जाने से एक तीर से दो निशान, उमा-प्रहलाद में से एक खुश दूसरा नाराज

मध्य प्रदेश भाजपा में एकबार फिर एक तीर से दो निशाने किए गए हैं जो पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती और केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल को साधते हुए किए गए हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है उमा-प्रहलाद के बीच रिश्तों में अंतर पैदा करने के लिए राहुल लोधी को मंत्री बनाया गया और इसका आभास राजभवन में मंत्रियों के शपथग्रहण के बाद से पटेल बंधु के प्रवास की सूचना नहीं होने से लगाया जा रहा है। भाजपा की तरह कांग्रेस में दूसरी लाइन के नेताओं को ऊपर लाने की जगह उन्हें अपना प्रतिस्पर्धी मानकर साइड लाइन करने की राजनीति देखने को मिलती रहती है। पढ़िये मंत्रिमंडल विस्तार से एक तीर से दो निशाने की रिपोर्ट।

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