-
दुनिया
-
US-INDIA ट्रेड डील के खिलाफ MODI पर जमकर बरसे RAHUL, बताया EPSTEIN फाइलों की धमकियों का दबाव
-
अकेले रहने वाले बुजुर्गों को टारगेट कर रहे Cyber ठग, Gwalior में 90 साल Couple शिकार
-
Indian क्रिकेट के सूरमाओं का सरेंडर, Super 8 के पहले मैच में करारी हार
-
अमेरिकी TRADE DEAL के खिलाफ INC आंदोलन की तैयारी, RAHUL GANDHI व खड़गे की उपस्थिति में BHOPAL में पहला किसान सम्मेलन
-
फिर Political माहौल की गर्मा गरमी के बीच बेतुका फैसला, MP कांग्रेस के प्रवक्ताओं की छुट्टी
-
मुख्यमंत्री ने रेल से श्रमिकों को लाने के निर्देश,श्रमिकों से किराया नहीं लिया जायेगा
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से चर्चा के बाद जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि मध्य प्रदेश में दूसरे प्रदेशों से लाए गए प्रवासी मजदूरों को रेल सेवा के माध्यम से प्रदेश में लाया जाए। श्रमिकों से किराया नहीं लिया जायेगा.
चौहान ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि इनमें प्रथम चरण में 31 रेलगाड़ियों से विभिन्न राज्यो में फसे श्रमिकों को महाराष्ट्र, गुजरात, हरियाणा, गोवा और दिल्ली से रेल परिवहन द्वारा भोपाल, जबलपुर, रतलाम और कटनी जिले में लाया जाकर प्रदेश के विभिन्न जिलों में रहने वाले श्रमिकों को बस के माध्यम से समुचित व्यवस्था की जाए। साथ ही इन सभी श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण उपरांत ही ट्रेन में प्रवेश दिया जाएगा।
इसके साथ ही राज्य शासन द्वारा निर्णय लिया गया है कि अन्य प्रदेशों में फंसे मध्यप्रदेश के श्रमिकों को श्रमिक स्पेशल ट्रेन से लाने में लगने वाले रेल किराया का वहन भी मप्र शासन द्वारा किया जाएगा। महाराष्ट्र से प्रथम चरण में 22 रेल परिवहन द्वारा 27000 श्रमिकों को लाया जाएगा। साथ ही विभिन्न रुटो के माध्यम से श्रमिकों को प्रदेश में लाने की कवायद की जा रही है।
मुख्यमंत्री चौहान के साहसी निर्णय और प्रयासों से आज दिनांक तक गुजरात से 17000, राजस्थान से 32000, हरियाणा से 1350, उत्तर प्रदेश से 2000 बसों से और नासिक से 347 लोगों को विशेष ट्रेन के माध्यम से प्रदेश में लाया जा चुका है। इस प्रकार अब तक 59,000 श्रमिकों को रेल परिवहन के माध्यम से लाया गया है। अपर मुख्य सचिव, प्रभारी स्टेट कंट्रोल रूम, आईसीपी केशरी ने जारी आदेश में कहा है स्टेट को-ऑर्डिनेटर इस निर्णय के क्रियान्वयन को अपने प्रभार के राज्यों के नोडल अधिकारी और रेलवे से समन्वय कर समुचित व्यवस्थाएं करेंगे.
राज्य शासन ने निर्णय लिया है कि अन्य प्रदेशों में फँसे मध्यप्रदेश के श्रमिकों को श्रमिक स्पेशल ट्रेन से प्रदेश लाने में उनके किराये का भुगतान शासन द्वारा किया जायेगा। श्रमिकों से किराया नहीं लिया जायेगा। अपर मुख्य सचिव एवं प्रभारी स्टेट कंट्रोल रूम श्री आई.सी.पी. केशरी ने स्टेट कॉर्डिनेटर और कलेक्टरों को प्रभार के राज्यों के नोडल अधिकारी एवं रेलवे से समन्वय कर इस निर्णय के क्रियान्वयन के निर्देश दिये है।




Leave a Reply