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मजदूर-किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष तेज करने का संकल्प
देश का प्रमुख केन्द्रीय श्रमिक संगठन सेन्टर आफ इंडियन ट्रेड यूनियन्स (सीटू) का 51 वां स्थापना दिवस पर 30 मई 2021 को देश के साथ साथ प्रदेश भर के मजदूर कर्मचारियों ने सीटू व यूनियनों के कार्यालयों, कार्यस्थलों पर घ्वजारोहण कर, विभिन्न तरीके से मजदूर, किसानों जनविरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष तेज करने का संकल्प के साथ मनाया। प्रदेश में कोयला खदानों, सीमेन्ट कारखानों, मैंगनीज खदानों,विभिन्न कारखानों के मजदूरों अपने कार्यस्थलों में सीटू का झंडा एवं पोस्टरों के साथ सामूहिक रूप से प्रदर्शन कर सीटू का स्थापना दिवस मनाया।
खदानों के मुहाडों एवं परिसरों में एकत्रित होकर सामूहिक रूप से प्रदर्शन कर मजदूर विरोधी श्रम संहिताओं को वापस लेने, सार्वजनिक उद्योगों का निजीकरण को रोकने एवं किसान विरोधी तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग मोदी सरकार से की। प्रदेश की आंगनवाडी कर्मियों, आशा एवं आशा सहयोगियों अपने अपने क्षेत्र में अलग अलग समूहों में तो कहीं व्यक्तिगत रूप से पोस्टर के साथ प्रदर्शन किया। दवा प्रतिनिधियों विभिन्न क्षेत्र के असंगठित मजदूरों ने लॉकडाउन के चलते अपने अपने घरों में पोस्टर व झंडे के साथ प्रदर्शन कर स्थापना दिवस मनाया। रैमंड, गुना के एन.एफ.एल. सहित कारखाना मजदूरों कारखाने के बाहर पोस्टर व झण्डा लेकर प्रदर्शन किया।
लॉकडाउन के बीच आयोजित स्थापना दिवस के दौरान राजधानी भोपाल में सीटू राज्य कार्यालय में सीटू प्रदेश सहायक महासचिव ए टी पदमनाभन ने ध्वजारोहण किया। इस दौरान सीटू भोपाल जिला अध्यक्ष व प्रदेश सचिव पी.एन. वर्मा की अध्यक्षता में हुयी सभा को सीटू प्रदेश महासचिव व राष्ट्रीय सचिव प्रमोद प्रधान ने सम्बोधित किया। उन्हों ने वर्तमान परिस्थितियों का विस्तार से उल्लेख करते हुये कोरोना संक्रमण के दौर में आम जनता की जान बचाने में केन्द्र व राज्य सरकार की घोर असफलता और अमानवीयता आचरण का देश एवं दुनिया में आलोचना की गयी। ठीक उसी समय जब हजारों लोगों की जानें जा रही थी तब सरकार अपनी नीतियों को आगे बढाने की जिद पर किसान आंदोलन की अनदेखी कर रही थी। इसी के साथ सरकार देश की सार्वजनिक उद्योगों का निजीकरण की मुहिम जारी रखे हुये है। इस ध्वजारोहण में उपस्थित कार्यालय के साथियों, एमपीएमएसआरयू, बीमा, बीएचईएल व गोविंदपुरा के साथियों ने हिस्सा लिया।
इस दौरान प्रदेश के सभी तीनों कोयला कम्पनियों एस.ई.सी.एल. के जोहिला, कोतमा, सोहागपुर, पाली,, एन.सी.एल. के सभी परियोजनाओं एवं डब्ल्यू.सी.एल.के पाथाखेडा तथा पेंच व कन्हान के सभी खदानों में मजदूर कर्मचारियों ने झंडा फहराकर, प्रदर्शन कर सीटू स्थापाना दिवस मनाया। रीवा, सतना, मैहर एवं सीधी क्षत्र के जे पी सीमेन्ट, अल्ट्राटेक सीधी बघवार सीमेन्ट प्लांट, प्रिज्म जानसन मनकहारी जिला सतना, के जे एस सीमेंट मैहर आदि सभी सीमेन्ट कारखानों में मजदूरों ने भी सीटू का झंडे फहरा कर प्रदर्शन किये। गुना में एन.एफल. एवं गुना स्थित सीटू कार्यालय में सीटू का झंडा फहरा कर प्रदर्शन किया।
भोपाल के अलावा रायसेन, सीहोर, राजगढ, होशंगाबाद, उज्जैन, मंदसौर, नीमच, रतलाम, इंदौर ,ग्वालियर, गुना, अशोकरनगर, मुरौना, भिण्ड, नरसिंहपुर, जबलपुर, डिंडौरी, मंडला, कटनी, रीवा, उमरिा अनूपपुर, शहडोल, सीधी, सिंगरौली सहित जिलों में मजदूरो ने स्थापाना दिवस मनाया।
30 मई को सीटू से सम्बद्ध आशा ऊषा आशा सहयोगी एकता यूनियन मध्य प्रदेश की भी स्थापना दिवस थी। आशा एवं सहयोगियों ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्रदर्शन करते हुये सीटू एवं आशा यूनियन का भी सथापना दिवस मनाया एवं अपने शोषण के खिलाफ प्रदर्शन किया।
1 से 10 जून तक चलेगी देश भर में अभियान
सीटू अखिल भारतीय पदाधिकारीमंडल बैठक ने अपनी राज्य समितियों व यूनियनों से राष्ट्रीय एवं स्थानीय मांगों को लेकर 1 से 10 जून तक व्यापक अभियान चलाने का आह्वान किया है। 20 मई को सम्पन्न सीटू राज्य समिति ने …… राष्ट्रीय स्तर पर तय की गयी मांगों को आम मजदूरों के बीच अधिकतम रूप से ले जाने, स्थानीय परिस्थितियों को आधार पर अभियान का स्वरूप व तरीके तय करने का आह्वान यूनियनों एवं इकाईयों से की है।
बैठक ने 1 से 10 जून के बीच जहां जैसी परिस्थिति हो उसके अनुसार स्थानीय स्तर योजना बनाने और इस दौरान स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम सम्बोधित ज्ञापन सौंपे जाने का आह्वान करने के साथ अधिक से अधिक स्थानों पर कार्यवाही का भी राज्य समिति ने आह्वान किया ह।
अभियान की मांगों में -देश के सभी लोगों के लिये सार्वभौमिक वैक्सीनेशन के लिये केन्द्र सरकार की ओर से कदम उठाने, सार्वजनिक क्षेत्र की वैक्सीन निर्माण कम्पनियों को वैक्सीन उत्पादन के काम में शामिल कर उत्पादन बढाने, घेरेलू उत्पादकों व विदेशी उत्पादकों से वैक्सीन प्राप्त कर एक निश्चित समय सीमा में देश के सभी नागरिकों को वैक्सीनेशन सुनिश्चित करने,महामारी के सम्भावित तीसरी लहर से मुकाबला हेतु समुचित अस्पताल, आक्सीजन युक्त पलंग, वैन्टीलेटर, दवाओं के पुख्ता इंतजाम करने, र्तमान जनविरोधी कारपोरेट परस्त वैक्सीन नीति समाप्त करने, सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने, इस हेतु जरूरी फंड, स्वास्थ्य कर्मियों (डाक्टर,नर्स, कम्पाउन्डर, वार्ड बाय आदि) की बडे पैमाने पर भर्ती करने, आपदा प्रबंधन कानून के तहत लाक डाउन, कोरोना कफ्र्यू आदि लगाने के आदेश में सभी प्रबंधनोंं, नियोजकों को छंटनी, वेतन कटौती, आवास खाली कराने जैसे कदम न उठाने के सख्त निर्देश शामिल करने, पेशागत स्वास्थ्य व सुरक्षा श्रम संहिता में समाहित कर अन्र्तराज्यीय प्रवासी कामगार कानून 1979 को पुन: बहाल करने, चारोंं काली श्रम संहितायें, तीनों कृषि कानून व विद्युत अध्यादेश वापस लेने, सभी गैर आयकरदाता परिवारों को 7500 रुपया प्रति माह नगद राशि राशि प्रदान करने, सभी सरकारी अस्पतालों में गैर कोविड मरीजों को भी प्रभावशाली इलाज मुहैया कराने,कोरोना महामारी से मुकाबला करने में लगे सभी फ्रंट लाइन वर्करों (आंगनवाडी, आशा आशा सहयोगी) व अन्य कर्मियों को सुरक्षा उपकरण, मास्क, पीपीर्ई किट आदि मुहैया कराने के साथ व्यापक बीमा कवच प्रदान करने की मांग शामिल है।




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