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प्रजातंत्र के चौथे स्तंभ को धमकाना बर्दाश्त नही किया जायेंगा- पांसे
वर्तमान भाजपा सरकार ने प्रजातांत्रिक मूल्यों की सारी मर्यादाएं तोड़ दी है। सत्ता में बने रहने के लिए वह किसी भी हद तक जा सकती है। अन्य राजनैतिक दलों के जन प्रतिनिधियों को लोभ-लालच डरा धमकाकर अपने दल में मिलाना विरोधी नेताओं का अपहरण कर उन्हें चुनावी फार्म न जमा करने देना अनैतिक तरीके से सत्ता हासिल करना, विरोधी नेताओं की जासूसी करवाना, उनके यहां आयकर एवं सी.बी.आई. से छापे डलवाकर झूठे केसों में फसवाना जिससे कोई भाजपा सरकार के खिलाफ न बोले उनके भ्रष्टाचार उजागर न करें, उनकी तानाशाही नीति का विरोध न करें। इसके बावजूद भी जब आम जनता, जुझारू जनप्रतिनिधिगण एवं पत्रकार जगत के लोग नहीं डरे तो उनके यहां छापा डलवाना शुरू कर दिया। इसी कड़ी में दैनिक भास्कर समाचार पत्र के संचालकों के यहां छापा मारकार उन्हें डराने का प्रयास किया जा रहा है। प्रजातंत्र के इस चौथे स्तंभ को धमकाना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नही किया जायेगा। उक्ताशय के विचार पूर्व मंत्री एवं विधायक सुखदेव पांसे ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से व्यक्त किये।
पांसे ने बताया कि प्रदेश के सभी दैनिक समाचार पत्रों ने कोरोना से हुई मौतों के आंकड़े, शमशान में जलती चिताओं की तस्वीर, गंगा किनारे दफनाए गये शवों की तस्वीर, भाजपा सरकार द्वारा कराई जा रही जासूसी को उजागर कर कई महत्वपूर्ण खबरें प्रकाशित की l जनता के समक्ष समाचार पत्रों द्वारा निष्पक्ष लेख लिखने से भाजपा सरकार तिलमिला गई। इसीलिए वह समाचार पत्रों के संचालकों पर छापेमार कर उन्हें डराना चाह रही है किसी भी मीडिया संस्थान पर इस तरह की कार्रवाई को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नही किया जायेगा। हर प्रजातंत्र का रक्षक व्यक्ति प्रजातंत्र के चौथे स्तंभ के साथ खड़ा है तथा वह सरकार की इस छापामार कार्यवाही का कड़ा विरोध करता है। सरकार अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को दबाना चाहती है इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा इसका लगातार कड़ा विरोध किया जाएगाl




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