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डेथ आडिट सार्वजनिक कर, ज्यूडीशियल जांच कराये सरकार -भूपेन्द्र गुप्ता
भोपाल के हमीदिया हॉस्पिटल में कोरोना वार्ड में हुई मौतों पर प्रशासन द्वारा दी गई क्लीन चिट एक गंभीर.घटना पर लीपापोती करने का प्रयास है। प्रदेश कांग्रेस के मीडिया उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने क्लीन चिट को अप्रत्याशित बताया और कहा कि एक दिन में एक ही वार्ड में तीन मौतें चिंता और चिंतन का विषय हैं। जिसकी जांच उन्हीं लोगों से करवा ली गई जो की परिस्थितियों के लिए जिम्मेदार हैं।यह धूल झोंकने की सरकारी कोशिश है। व्यवस्था सुधारने के लिए सरकार जुडिशल जांच के आदेश करे तथा डेथ ऑडिटके परिणाम सार्वजनिक करे।
जनता सरकार की मंशा पर विश्वास करना चाहे भी तो ऐसी घटनाओं पर प्रशासनिक लीपापोती बाधाएं खड़ी कर देती हैं ।एक ही दिन में जांच हो जाना और यह कहना कि मरीज पहले से ही गंभीर अवस्था में थे,एक औपचारिक सफाई से अधिक कुछ भी नहीं है। गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री जी द्वारा चिंता व्यक्त करने के बावजूद शहडोल में बच्चों की मौत का आंकड़ा पांच से बढ़कर 21 पर पहुंच गया है।वहां भाजपा के नेता अपने अपने गुर्गे बैठाने में लगे हैं। एक दंत चिकित्सक को सिविल सर्जन बना देने के विरोध में 20 वरिष्ठ डॉक्टरों ने अपने इस्तीफे की पेशकश कर दी है वहां शहडोल में भी क्लीन चिट दे दी गई थी लेकिन मौत का आंकड़ा बढ़ता ही जा रहा है ।
इसी क्रम में सतना में 9 बच्चों की मौत यह बताती है की प्रशासनिक अराजकता के कारण निर्दोष जानें जा रही है।सरकार चेतावनियां देकर औपचारिकता कर रही है। गुप्ता ने मुख्यमंत्री से अपेक्षा की है कि वे वास्तव में सख्ती से पेश आ कर प्रदेश की जनता को विश्वसनीय संदेश दें ।जहां यह मौतें हो रही हैं वहां डेथ आडिट के परिणामों की जांच कराएं और जनता में विश्वास का वातावरण बनाने के लिए बड़े से बड़े अधिकारी को दंडित करने से न हिचकें।इन क्रमिक घटनाओं की ज्यूडीशियल जांच से ही सुधार की उम्मीद की जा सकती है।




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