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केपी यादव का सिंधिया पर हमला, झांसी की रानी से गद्दारी को याद दिलाया
विधानसभा चुनाव के लिए अब बहुत कम समय बचा है लेकिन कांग्रेस छोड़कर भाजपा में गए नेताओं को लेकर आज भी वहां पुराने नेताओं व उनके पहले पार्टी ज्वाइन करने वालों के मन में उनके लिए जगह नहीं बन पाई है। ज्योतिरादित्य सिंधिया को लोकसभा चुनाव में गुना-शिवपुरी क्षेत्र से हराने वाले केपी यादव के बीच भी संबंधों की खाई तीन साल बाद भी समाप्त नहीं हुई है और न मन की खटास ही मिटी है। सांसद केपी यादव ने एक कार्यक्रम में फिर सिंधिया पर झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के साथ उनके पूर्वजों द्वारा की गई गद्दारी को याद किया तो उनका यह बयान फिर वायरल हो गया।
सांसद यादव
गुना में राष्ट्रीय स्वयं सेवक के अनुशांगिक संगठन क्रीड़ा भारती ने जीजाबाई सम्मान समारोह का आयोजन किया था जिसमें खिलाड़ियों और उनकी माताओं का सम्मान किया गया था। इसमें लोकसभा सदस्य केपी यादव को आमंत्रित किया गया था। समारोह को संबोधित करते हुए यादव ने जीजाबाई के साथ झांसी की रानी लक्ष्मीबाई को याद किया। उन्हें याद करते हुए केपी यादव ने लोकसभा चुनाव 2019 में अपने खिलाफ लड़ने वाले राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया पर उनके पूर्वजों की गद्दारी का उल्लेख करते हुए हमला बोल दिया। उन्होंने कहा कि उस समय अगर झांसी की रानी के साथ कुछ लोगों ने गद्दारी नहीं की होती तो आज देश 75वीं नहीं बल्कि आजादी की 175वीं जयंती मना रहा होता।
सिंधिया समर्थकों की उपेक्षा से दुखी रहते हैं यादव
उल्लेखनीय है कि सांसद यादव का दर्द है कि उन्हें उनके ही लोकसभा क्षेत्र गुना-शिवपुरी में सिंधिया समर्थकों द्वारा उपेक्षित किया जाता है और उनका यह दर्द कई बार झलक भी चुका है। वे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तक अपनी पीड़ा के बारे में पत्र द्वारा व्यक्त कर चुके हैं। तीन साल बाद भी उनके मन में सिंधिया परिवार के प्रति पहले की तरह जगह नहीं पाई है। यादव भाजपा ज्वाइन करने के पहले सिंधिया के साथ ही कांग्रेस में थे और उनके लोकसभा क्षेत्र का पूरा काम वे ही संभालते थे। मगर किसी बात को लेकर उन्होंने सिंधिया से नाराजगी के चलते भाजपा का दामन थाम लिया था और वे 2019 में उनके खिलाफ लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी बने थे। सिंधिया को हराने के बाद भाजपा में उनकी पकड़ मजबूत भी हुई थी लेकिन 2020 में परिस्थितियां बदलीं और सिंधिया ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा ज्वाइन कर ली। इसके बाद केपी यादव के साथ उनके ही लोकसभा क्षेत्र गुना-शिवपुरी में सिंधिया समर्थक उपेक्षा जैसा व्यवहार करने लगे तो उनकी पीड़ा शुरू हुई। शनिवार को जीजाबाई सम्मान समारोह कार्यक्रम में एकबार फिर उनकी पीड़ा से सिंधिया परिवार की गद्दारी का बयान बाहर आया है। यह सोशल मीडिया पर जमकर वायरल भी हो रहा है।




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