-
दुनिया
-
US-INDIA ट्रेड डील के खिलाफ MODI पर जमकर बरसे RAHUL, बताया EPSTEIN फाइलों की धमकियों का दबाव
-
अकेले रहने वाले बुजुर्गों को टारगेट कर रहे Cyber ठग, Gwalior में 90 साल Couple शिकार
-
Indian क्रिकेट के सूरमाओं का सरेंडर, Super 8 के पहले मैच में करारी हार
-
अमेरिकी TRADE DEAL के खिलाफ INC आंदोलन की तैयारी, RAHUL GANDHI व खड़गे की उपस्थिति में BHOPAL में पहला किसान सम्मेलन
-
फिर Political माहौल की गर्मा गरमी के बीच बेतुका फैसला, MP कांग्रेस के प्रवक्ताओं की छुट्टी
-
किसानो को उपार्जन की राशि का पूर्ण भुगतान किया जावे: कमलनाथ
प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने ,प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को पत्र लिख प्रदेश में किसान भाइयों को समर्थन मूल्य पर उपार्जन में निरंतर आ रही परेशानियों की ओर उनका ध्यान आकृष्ट कराते हुए माँग की है कि गेहूं व चने के उपार्जन उपरांत किसान भाइयों को देय राशि में से फसल ऋण की राशि की कटौती की जा रही है , जो इस कोरोना महामारी के दौरान अव्यवहारिक है , इस संकट काल को देखते हुए इस ऋण वसूली को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किया जाना चाहिये।
अभी खरीफ की फसल की बुवाई के लिए किसानों को आवश्यक खाद-बीज का क्रय भी करना है ,उपार्जन की पूर्ण राशि नहीं मिलने से किसानों को भारी संकट का सामना करना पड़ रहा है।
नाथ ने बताया कि इसके साथ ही प्रदेश में पिछले 2 वर्षों से सोयाबीन की फसल प्रभावित होने से ,सोयाबीन के बीज की उपलब्धता कम हैं और सोयाबीन के बीज की क़ीमतें भी काफी बढ़ चुकी है , जिससे किसान भाइयों के लिए सोयाबीन की लागत निरंतर बढ़ रही है।
वही खरीफ की फसल के संबंध में प्रदेश सरकार की कोई मैदानी तैयारी भी नजर नहीं आ रही है ?
जिसके कारण प्रदेश का किसान परेशान व अक्रोशित है।
इसलिए सरकार किसान भाइयों को उपार्जन की पूर्ण देय राशि का भुगतान सुनिश्चित करने तथा सोयाबीन के बीज को कम दरों पर पर्याप्त मात्रा में किसान भाइयों को उपलब्ध कराए जाने का निर्णय तत्काल किसान हित में ले।




Leave a Reply