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कमलनाथ सरकार में शिवराज कैबिनेट के मंत्री भूपेंद्र सिंह का ऐसे बचा बंगला, कांग्रेस ने खोली पोल
मध्य प्रदेश में 2018 में जब कांग्रेस की सरकार बनी थी तब कमलनाथ सरकार के मंत्रियों में बंगलों को लेकर मारा-मारी मची थी और शिवराज सरकार के मंत्रियों द्वारा कराए गए कामों के आधार पर अच्छे बंगलों पर उनकी नजरें थीं। भूपेंद्र सिंह के चार इमली बंगले पर भी कमलनाथ सरकार के कई मंत्रियों की नजर थी लेकिन तत्कालीन सीएम कमलनाथ ने शिवराज सरकार के इस मंत्री के आग्रह को मानवीयता के नाते बंगला खाली कराने से बचाने के लिए जो किया, उसकी आज पोल खुली है। आपको बताते हैं कैसे बचा भूपेंद्र सिंह का बंगला।
2018 में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद कमलनाथ सरकार मंत्रिमंडल का गठन हुआ और मंत्रियों को बंगले देने के लिए चार इमली, 74 बंगला, 45 बंगला और शिवाजी नगर के बी,सी टाइप के बंगलों पर कांग्रेस के इन दिग्गज नेताओं की नजर थी। इनमें से कुछ बंगलों के लिए मंत्रियों की मारा-मारी मची थी और चार इमली में भूपेंद्र सिंह के बंगले पर कई मंत्रियों की नजर थी। इस बंगले को भूपेंद्र सिंह से खाली नहीं कराया गया और इसके पीछे क्या कारण था, आज तक किसी को पता नहीं था। कमलनाथ ने आज पत्रकारों के सामने इस राज को खोला है।
बच्चों की पढ़ाई के लिए बंगले को खाली नहीं करने का आग्रह
कांग्रेस सरकार में मंत्रियों के भूपेंद्र सिंह के बंगले को आवंटित करने के लिए सीएम कमलनाथ पर दबाव था। यह बात उन्होंने आज पत्रकारों के सामने कही और कहा कि मगर भूपेंद्र सिंह ने उनसे आग्रह किया था कि उनके बच्चे भोपाल में पढ़ रहे हैं तो बंगले को खाली नहीं कराया जाए। मानवीयता के नाते उन्होंने इसे किसी मंत्री को नहीं बल्कि अपने बेटे सांसद नकुल नाथ को आवंटित किया। मंत्रिगण इस एक्शन पर चुप हो गए। नकुलनाथ को बंगला आवंटित कराने के बाद उसे भूपेंद्र सिंह से खाली नहीं कराया।




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