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कमलनाथ सरकार की जल अधिकार की नीति लागू करे सरकार: भूपेन्द्र गुप्ता
जिस तरह से पूरी लागत वसूल कर चुके टोल नाकों को फिर से शुरू कर सरकार जनता के साथ छल कर रही है वैसे ही अब नल-जल योजनाओं में कनेक्शन चार्ज और प्रतिमाह जलकर लेने की घोषणा ग्रामीण जनता के साथ एक नया छल है। केंद्रीय अनुदान से जब नल जल योजना की फंडिंग की जा रही है तो कनेक्शन चार्ज वह भी ₹2000 तक प्रति कनेक्शन ,वसूलने का उद्देश्य क्या है? क्या सरकार इस बात की गारंटी देगी कि अगर ग्रामीण नागरिक ₹2000 तक कनेक्शन चार्ज देने तैयार हो जाएंगे तो फिर ‘मोदी जी धन्यवाद’ के पोस्टर नहीं लगाए जाएंगे ।जनता से वसूली भी और धन्यवाद भी यह दोनों नीतियां एक साथ नहीं चल सकतीं।
प्रदेश कांग्रेस मीडिया उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि प्रदेश की यशस्वी कमलनाथ सरकार ने प्रदेश की जनता के प्रति व्यक्ति 55 लीटर पानी पर अधिकार को स्वीकार किया था ।अतः उसके अधिकार के रूप में ही यह पानी प्रदाय किया जाना चाहिए ।क्योंकि ग्रामीण आबादी ₹2000 तक कनेक्शन चार्ज देने की स्थिति में नहीं है। बेरोजगारी और महामारी में अस्पतालों में लुट चुकी ग्रामीण जनता जब भोजन को तरस रही है तब पानी के लिए कनेक्शन चार्ज लेना उसके ऊपर ज्यादती होगी।
गुप्ता ने तत्काल इस नीति को वापस लेने की मांग करते हुए कहा कि सरकार 55 लीटर पानी के अधिकार को स्वीकारे एवं जनता को मुफ्त पानी प्रदाय करे तभी कल्याणकारी राज्य की वास्तविक परिकल्पना सार्थक होगी।
गुप्ता ने कहा कांग्रेस की यूपीए सरकार ने शिक्षा का अधिकार, भोजन का अधिकार ,रोजगार का अधिकार गारंटी कानून बनाकर देश को दिया था और सरकारों के दायित्व को चिन्हित किया था। इसी परिप्रेक्ष्य में कमलनाथ सरकार ने अपने एजेंडे में पानी के अधिकार की नीति को आगे बढ़ाया। यह हर उत्तरदाई सरकार का काम है कि वह पानी के भी अधिकार को सुनिश्चित कर कल्याणकारी राज्य की अवधारणा को मजबूत करे।




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