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ई-एफआईआर का ट्रायल रन-एक माह का प्रतिसाद उत्साहजनक
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एससीआरबी चंचल शेखर ने बताया कि ई-एफआईआर का ट्रायल रन 12 अगस्त से प्रारंभ किया गया था। जिसके माध्यम से वाहन चोरी एवं सामान्य चोरी (एक लाख से कम कीमत) की एफआईआर इलेक्ट्रानिक माध्यम से की जा रही है। ट्रायल रन में आज तक कुल 328 ई-एफआईआर दर्ज हुई हैं। जिनमें आटोमोबाईल की 77, इलेक्टॉनिक आयटम की 39, ज्वेलरी 21 और डाक्यूमेंट की सात एफआईआर शामिल हैं। इस दौरान 107 एफआईआर दोहराव, आरोपी का ज्ञात होना, घटना में मारपीट (बल प्रयोग) और गुम होने की रिपोर्ट के कारण निरस्त की गई।
एडीजी श्री चंचल शेखर ने बताया कि समस्त पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों का प्रशिक्षण, थानों में मोबाईल फोन (जिस पर ई-एफआईआर रिक्वेस्ट का एसएमएस अलर्ट प्राप्त होगा) का थाने में वितरण और संपूर्ण भारत के वाहनों की जानकारी हेतु आरटीओ से इंटिग्रेशन के पश्चात शीघ्र ही लाइव रन किया जाएगा।
एडीजी श्री शेखर ने बताया कि हाल ही में एनसीआरबी द्वारा ”क्राइम इन इंडिया” डाटा एनालिसिस प्रकाशित हुई है। अपराधों की स्थिति से संबंधित जानकारी एनसीआरबी द्वारा प्रति वर्ष उनकी वेबसाइट पर क्राइम इन इंडिया के रूप में प्रकाशित की जाती है। 15 सितंबर को एनसीआरबी ने क्राइम इन इंडिया-2020 का प्रकाशन किया है। जिसमें प्रदेश में वर्ष 2020 में कुल आईपीसी अपराध 2 लाख 83 हजार 881 रहा जो अन्य राज्यों की तुलना में पांचवे स्थान पर हैं। वर्ष 2020 में म.प्र. से कम जनसंख्या वाले राज्य जैसे-गुजरात, तमिलनाडू में कुल अपराध अधिक हैं।
उन्होंने बताया कि मेपआईटी के सहयोग से शीघ्र ही ई-इन्वेस्टिगेशन एप विकसित किया जा रहा है। जो विवेचना को ज्यादा सुदृढ़, पारदर्शी बनाने में सहायक होगा।




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