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अपनों से परेशान कांग्रेसः कमलनाथ के सम्मान पर कीर्तनकार के विरोध के पीछे कहीं कांग्रेस के अपने नेता तो नहीं
गुरु नानक जयंती पर इंदौर में सिख समाज के एक कार्यक्रम के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ के सम्मान को लेकर कीर्तनकार मनप्रीत सिंह कानपुरिया के विरोध के पीछे कांग्रेस के ही नेताओं के होने की चर्चा है। सिख समाज के सार्वजनिक कार्यक्रम में कमलनाथ के जाने के पहले कांग्रेस नेताओं ने वहां के माहौल की जानकारी जुटाई नहीं जिससे कमलनाथ के सम्मान पर कीर्तनकार ने सबके सामने उनके विरोध में जो कहा, उससे न केवल कमलनाथ बल्कि कांग्रेस पार्टी की प्रतिष्ठा पर भी आंच आई है।
गुरुनानक जयंती पर इंदौर में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ थे तो वे वहां सिख समाज के बीच एक सार्वजनिक कार्यक्रम में पहुंच गए और वहां उनके सम्मान पर जो हुआ सुर्खियों में आ चुका है। 1984 के सिख दंगों में कमलनाथ की भूमिका को लेकर सिख समाज की नाराजगी से उनका अक्सर सामना होता रहा है। मगर उनके मध्य प्रदेश कांग्रेस की कमान संभालने और मुख्यमंत्री बनने के बाद नाराजगी यहां दिखाई नहीं दी। पिछले दिनों इंदौर में गुरुनानक जयंती के सार्वजनिक कार्यक्रम में उनके सम्मान को लेकर जो हुआ, उसमें कांग्रेस नेताओं की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। कई तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं।
किसी अपने पर ठीकरा फूटने के आसार
चर्चा है कि कमलनाथ के खिलाफ कीर्तनकार का गुस्सा अचानक फूटा है लेकिन कीर्तनकार ने उस गुस्से में सिख समाज के जमीर को ललकारा है और इससे कांग्रेस पार्टी को नुकसान हो सकता है। ऐसे में कमलनाथ के सार्वजनिक कार्यक्रम में पहुंचने के पहले सिख दंगों का गुस्सा भरे बैठे कीर्तनकार जैसे सिख समाज के लोगों की जानकारी जुटाने में नाकाम रहे कांग्रेस नेताओं की तलाश की जा रही है। ऐसे में कांग्रेस में अपने ही किसी पर ठीकरा फूटने के आसार नजर आ रहे हैं जो सिख समाज में भीतर तक पैठ रखता हो और उसकी इसके लिए जिम्मेदारी तय की जा सकती है।




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