Category Archives: दिल्ली

कोरोना वायरस ड्यूटी में पांच दिन बाद घर पहुंचे डॉ. डेहरिया, सोशल मीडिया पर छाये

भोपाल जिले के मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुधीर डेहरिया सोमवार को पांच दिन की ड्यूटी के बाद अपने घर पहुंचे और परिवारजन ने बाहर ही उन्हें चाय पिलाकर ड्यूटी के लिए फिर विदा कर दिया। उनकी यह तस्वीर जब सोशल मीडिया पर पोस्ट की गई तो उसकी आम आदमी से लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, दिल्ली में आप नेता मनीष सिसौदिया आदि ने सराहना की। उनके जज्बे को सलाम किया। यह वही डॉक्टर हैं जिन्हें मध्यप्रदेश सरकार ने हटा दिया था लेकिन जब उनके काम का फीडबैक लिया तो कुछ घंटे बाद ही दोबारा पदस्थ कर दिया था।

लोकसभा टीवी के आशीष जोशी पर कांट्रेक्ट बढ़ाने दो लाख मांगने की शिकायत

लोकसभा टीवी के पूर्व CEO आशीष जोशी पर एक असिस्टेंट मैनेजर डिस्ट्रिब्यूशन विवेकानंद भंडारी ने 19 फरवरी 2020 में कांट्रेक्ट बढ़ाने के लिए दो लाख रुपए मांगने की शिकायत की थी। बताया जाता है कि जोशी को असिस्टेंट मैनेजर की शिकायत पर लोकसभा टीवी से हटा दिया गया है।

राष्ट्रपति की कोरोना वायरस संक्रमण पर वीडियो कांफ्रेंसिंग

कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने को लेकर पूरा देश ही नहीं विश्व चिंतित है। भारत के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी इसको लेकर चिंतित हैं। उन्होंने शुक्रवार को सभी राज्यों के राज्यपालों से वीडियो कांफ्रेंसिंग करने का फैसला किया। राज्यपाल लालजी टंडन ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में प्रदेश में कोरोना की स्थिति की जानकारी दी और इस पर नियंत्रण के लिये किये जा रहे कार्यों और चिकित्सा प्रबंधों के बारे में बताया।

राज्यपाल ने शिवराज को दिलायी मुख्यमंत्री पद की शपथ

राज्यपाल लालजी टंडन ने शिवराज सिंह चौहान को प्रदेश के 19वें मुख्यमंत्री पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण कार्यक्रम का संचालन मुख्य सचिव एम.गोपाल रेड्डी ने किया। शपथ ग्रहण समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ एवं सुश्री उमा भारती, भारतीय जनता पार्टी के विधायक एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती की कमल नाथ से मुलाकात

मध्यप्रदेश में करीब 17 दिन चले राजनीतिक ड्रामे का सोमवार को शिवराज सिंह चौहान के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही पटाक्षेप हो गया। शिवराज सिंह चौहान द्वारा शपथ लेने के लिए राजभवन में सादे समारोह में शपथ ली गई जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती और पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ भी पहुंचे थे।

कमल नाथ की सोनिया गांधी से मुलाकात, भरोसा दिलाया फिर ताकत के साथ लौटेंगे

कार्यवाहक मुख्यमंत्री कमलनाथ सोमवार को ही भोपाल लौट रहे हैं। भोपाल आने के पहले उन्होंने आज कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की और प्रदेश में राजनीतिक परिस्थितियों के बारे में बताया। भाजपा की साजिश से सरकार कैसे गिरी और उसमें अपने लोगों ने भाजपा का कैसे साथ दिया, सभी बिंदुओं के बारे में सोनिया गांधी को अवगत कराया।

बागी कांग्रेस विधायकों ने दिल्ली में भाजपा की सदस्यता और भोपाल में फोटो खिंचवाया

मध्यप्रदेश में राजनीतिक उठापटक कर सत्तारूढ़ कांग्रेस को सबक सिखाने वाले 22 कांग्रेस विधायकों ने शनिवार को दिल्ली पहुंचकर भाजपा की सदस्यता ली। वहां ज्योतिरादित्य सिंधिया की मौजूदगी में पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा, नरेंद्र सिंह तोमर, धर्मेंद्र प्रधान के साथ सामूहिक फोटो उतरवाई। इसके बाद चार्टर प्लेन से भोपाल की उड़ान भरी और रात को जब वे राजा भोज विमानतल पर उतरे से मीडिया ने घेर लिया।

निर्भया को मिला न्याय, चारों दोषी फांसी पर चढ़ाए गए

सात साल पहले दिल्ली में हुए निर्भया कांड के चारों दोषियों अक्षय सिंह, मुकेश सिंह, पवन गुप्ता और विनय शर्मा को शुक्रवार सुबह फांसी पर लटका दिया गया। इस मामले रामसिंह को 2013 में ही फांसी हो चुकी है। दोषियों ने फांसी बचने के लिए तमाम प्रयास किए और आखिर तक वे फांसी को टालने का प्रयास करते रहे। हाल ही में कोरोना के नाम पर उन्होंने फांसी टलवाने का प्रयास किया था।

मध्यप्रदेश के सियासी संग्राम की कानूनी लड़ाई, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू

मध्यप्रदेश की राजनीतिक उठापटक की कानूनी लड़ाई में गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई शुरू हो गई है। विधानसभा में फ्लोर टेस्ट मामले में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के लिए सभी पक्षों के वकील अदालत पहुंच गये हैं।

देर शाम लिखे विधानसभा अध्यक्ष के पत्र का राज्यपाल ने आधी रात के बाद जवाब भेजा

इन दिनों मध्यप्रदेश की सियासी उठापटक के बीच पत्रों का आदान प्रदान बढ़ गया है। मंगलवार की देर शाम को पहली बार विधानसभा अध्यक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति ने राज्यपाल लालजी टंडन को पत्र लिखा जिसका राज्यपाल ने भी आधी रात के बाद ही जवाब भेज दिया। इसमें राज्यपाल ने बेंगलुरू में ठहरे विधायकों के लिए तथाकथित लापता शब्द का इस्तेमाल किया और विधानसभा अध्यक्ष द्वारा उनकी सुरक्षा के लिए मांग किए जाने पर कहा है कि त्रुटिवश यह पत्र आपने शायद मुझे भेज दिया है क्योंकि यह कार्यपालिका के पास जाना था।