राजधानी के मानस भवन मंे सर्व आदिवासी संगठन सम्मेलन में आदिवासी संगठनों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि आदिवासी समाज संस्कृति और इतिहास का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जब 75 साल पहले देश को आजादी मिली तो देश के सामने बहुत बड़ी चुनौती थी, देश को एकता के सूत्र मंे बांधने की, जहां इतनी विभिन्नताएं थी, अनेकों भाषाएं हैं, अनेकों वर्ग के लोग हैं, अनेकों रस्में, रीति रिवाज हैं, विभिन्न देवी-देवता हैं, हमारे सामने अनेकता को एकता में बदलने की चुनौती थी। पंडित जवाहर लाल नेहरू ने चुनौतियों का सामना किया। बाबा साहेब ने देश का संविधान बनाया, जिसमें सभी वर्गाें को समानता मिली। आदिवासी वर्ग के हितों को भी विशेष स्थान संविधान में मिला। इंदिरा जी की सोच थी आदिवासी वर्ग कैसे सुरक्षित रहे? उन्होंने इस वर्ग के लिए कई जनहितैषी कार्य किये।
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