मध्य प्रदेश में बारह साल पहले जिस तरह पुलिस का खुफिया तंत्र फेल साबित हुआ था, लगभग वही हालात फिर भोपाल में पैदा हुए हैं। मध्य प्रदेश पुलिस की खुफिया शाखा के कामकाज से सीएम भी संतुष्ट नहीं थे जिसका इजहार उन्होंने एक सप्ताह पहले ही किया था लेकिन इसके बाद भी करणी सेना के ऐसे आंदोलन की सूचना में वह एकबार फिर नाकाम रही है। संख्या का अंदाज नहीं लगा पाने की वजह से आंदोलन की अनुमति को लेकर प्रशासन व पुलिस के अधिकारी भी असमंजस में रहे। अब यह भीड़ पुलिस प्रशासन के लिए चुनौती बन चुकी है।
-
दुनिया
-
अमेरिकी TRADE DEAL के खिलाफ INC आंदोलन की तैयारी, RAHUL GANDHI व खड़गे की उपस्थिति में BHOPAL में पहला किसान सम्मेलन
-
फिर Political माहौल की गर्मा गरमी के बीच बेतुका फैसला, MP कांग्रेस के प्रवक्ताओं की छुट्टी
-
आमिर, सलमान के प्लेन को उड़ाने वाली MP की पायलट संभवी पाठक महाराष्ट्र के Dy CM के साथ हादसे में मृत
-
MP नगरीय विकास विभाग दागदारः दूषित पानी से बदनाम हुआ स्वच्छ Indore तो Bhopal के स्लाटर हाउस में गौ हत्या
-
साँची बौद्ध भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय बौद्ध विद्वान का दौरा
-


















