सिंधिया और उनके पीएस पाराशर ने कांग्रेस में रहते बेचे टिकटः मिश्रा

प्रदेश कांग्रेस के मीडिया प्रभारी (ग्वालियर-चम्बल संभाग) के.के. मिश्रा ने आज ग्वालियर में 6.33 मिनट का एक वीडियो जारी कर भाजपा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया और उनके निज सचिव पुरूषोत्तम पाराशर पर आरोप लगाते हुये कहा कि उन्होंने कांग्रेस में रहते हुये अपने समर्थकों से टिकट दिलवाने के एवज में बडी धनराशि वसूली। मिश्रा ने कहा कि वीडियो के सार्वजनिक होने के बाद सिंधिया-पाराशर पर आर्थिक भ्रष्टाचार का प्रकरण दर्ज होना चाहिये.

मिश्रा ने कहा कि पूरे प्रदेश में उपचुनाव को लेकर एक साथ बूथ स्तर पर “विजय संकल्प यात्रा” निकाल रही भाजपा को भी यह स्पष्ट करना चाहिये कि राजनैतिक कदाचरण से जुडे एक अपने ही भ्रष्ट सांसद के इस घिनौने चरित्र के रथ पर सवार होकर क्या वह अपनी राजनैतिक यात्रा पूरी कर सकेगी? मिश्रा ने यह भी कहा कि विगत जून माह में भी अशोक नगर (गुना) से कांग्रेस का चुनाव लड रही वर्तमान प्रत्याशी श्रीमति आशा दोहरे की सासु मां श्रीमति अनिता जैन से भी पाराशर द्वारा टिकट के एवज में 50 लाख रूपये लिये जाने का ओडियो सार्वजनिक हुआ था जिसकी जांच पुलिस के समक्ष विचाराधीन है। लिहाजा, नैतिकता का तकाजा है कि खरीद फरोख्त के माध्यम से चुनी हुई सरकार को गिराने वाली भाजपा ऐसे अनैतिक चरित्रों के खिलाफ क्या कार्यवाही करेगी?
मिश्रा ने भांडेर से निर्वाचित सिंधिया समर्थित पूर्व कांग्रेस विधायक एवं वर्तमान में भाजपा प्रत्याशी श्रीमति रक्षा सिरोनिया पति संतराम सिरोनिया को वर्ष 2018 में संपन्न विधानसभा चुनाव में टिकट दिलाने के एवज में की गई मांग व ली गई राशि से संदर्भित एक वीडियो जारी किया है जिसमें कांग्रेस के वरिष्ठतम नेता व पूर्व मंत्री डॉ. गोविंदसिंह से रक्षा सिरोनिया के पति संतराम सिरोनिया सहित अन्य लोगों की उपस्थिति में उक्त आरोपो की सिलसिलेवार तथ्यात्मक चर्चाएं शामिल है, जो किसी राजनैतिक कदाचरण, अनैतिक चरित्र और प्रमाणिक भ्रष्टाचार को साबित करने के पर्याप्त साक्षों के लिये काफी है।
मिश्रा ने डॉ. गोविंदसिंह और संतराम सिरोनिया के बीच वीडियो में संकलित संपादित अंशों को सार्वजनिक किया है! जिसमें संतराम यह कहते हुये स्पष्ट सुनाई दे रहे है कि सिंधिया के निज सचिव पुरूषोत्तम पाराशर टिकट दिलाने के एवज में 1 करोड रूपये की मांग कर जमा करने को कह रहे है?
संतराम- पाराशर जी ने 1 करोड़ पैसा मांगे, कहा 50 लाख जमा करा दो उपाध्याय जी को, नई हमने डॉ. अनिल को जमा करने को कहा। पहले कहा दतिया में जमा करेंगे, महाराज ने कहा डायरेक्ट दीजिए, हमने कहा डायरेक्ट दिला देंगे, महाराज ने कहा है, पहले पैसे जमा करा दीजिए फिर हमने कहा 1 करोड़ रूपये जमा करा देंगे तो चुनाव कैसे लडेंगे। उन्होंने कहा कितने जमा करा सकते हो? सर 25-30 लाख तो उन्होंने टिकट काटने का हवाला दिया कहा- कमलापत बैठा है नहीं दिया तो तेरा टिकट कट जायेगा। यह बात पाराशर ने कही! पैसे के लेनदेन की बात रक्षा सिनोरिया के पति ने सेवडा विधायक श्री घनश्याम सिंह को भी बताई कि पैसे नहीं दिये तो चुनाव का सिम्बॉल रूक गया फिर 25 लाख रूपये जमा कराने पडे!
डॉ.गोविंदसिंह- कहां जमा कराये? पार्टी फंड या कहीं और?
संतराम- पुरूषोत्तम पाराशर के साले, इंदरगढ वाले अनूप दांतरे के वहां जो भारतीय जनता पार्टी के मंडल अध्यक्ष है, विश्वास नहीं है साले पे।
डॉ.गोविंदसिंह- किसका साला है?
संतराम- पुरूषोत्तम *पाराशर का।
संतराम- डॉ.गोविंदसिंह से अवे तो बचा लो फिर बाद में तो का होय यही तय हो जाये महाराज सच बोल रहे है कै हम? जिला पंचायत सदस्य हमनों आप भी कहत होंगे कि हमनों दो रूपयो नहीं फिर काए से चुनाव लडेगा फिर बिनने कई ईमानदार तो ईमानदार व्यक्ति पार्टी में रहना माने, उसका कोई मतलब नहीं? बाद में पाराशर की संपत्ति को लेकर भी चर्चा हुई।
संतराम- पैसा मांगे जाने की बात दत्तीगांव से भी कई, उनसे कई हमने साब ऐसी बात है सो उनसे बात करी हुई, सो बे बोले नई नई, महाराज सिंधिया ही कह रहे है जमा कराईये, अब दत्तीगांव कह रहे है तो इनकी बात बिल्कुल सही है, महाराज से वे डायरेक्ट बात करते है तो हमें जा बात सही लगी कि सही बात है।
डॉ.गोविंदसिंह- चलो जाओ, अब अपनी बात बताओ
संतराम- हम बेईमान आदमी बने कै ईमानदार बने,खुद ही ईमानदार है तो अब आपके साथ रहेंगे। 20 साल सेवा करने के बाद नतीजा जो निकलो आप ईमानदार होवे के बाद भी आपके साथ यह सिला हुआ, मेरी ईमानदारी का सिला मुझे यह मिला तो मैं यह तय कर चुका हूँ।
डॉ.गोविंदसिंह- क्या तय कर चुके हो?
संतराम- हम आपके साथ रहेंगे!
डॉ.गोविंदसिंह- हम तो सीएम पद के दावेदार है नहीं।
संतराम- हमें अच्छे से मालूम है वहां तक मेरी राजनीति नहीं है। मेरी राजनीति आप तक है मेरे आदर्श तो आप है जो कहेंगे वो करूंगा।
डॉ.गोविंदसिंह- देखो यार मैं तो बताऊ मेरी निष्ठा नंबर 1 पर कमलनाथ हैं और दिग्विजयसिंह का लक्ष्य है कि किसी भी तरह कमलनाथ को सीएम बनाना है।
मिश्रा ने यह भी कहा कि जिस तरह पैसा पाराशर के साले अनूप दांतरे जो भाजपा के मंडल अध्यक्ष हैं, के घर पहुंचा उससे स्पष्ट है कि कांग्रेस में रहते हुये भी भाजपा के लोगो के सिंधिया और उनके निज सचिव का संबंध रहा है! इसलिये कांग्रेस में रहकर भी उनकी गद्दारी कांग्रेस समझ नहीं पाई जो हमारा दुर्भाग्य था। ऐसे वीभत्स चेहरों को उजागर करना हमारा लक्ष्य है जो आगे भी जारी रहेगा।

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