शहरी महिलाएँ बनाएंगी मास्क: प्रति मास्क 11 रु. मिलेंगे

राज्य शासन ने कोरोना से नागरिकों को बचाने के लिये बड़े पैमाने पर मास्क निर्माण की ‘जीवन शक्ति’ योजना लागू कर दी है। इस योजना में सौ प्रतिशत कॉटन से निर्मित दोहरी परत वाले मास्क बनाए जाएंगे। ये मास्क कोरोना वायरस की रोकथाम में अत्यन्त प्रभावशाली रहेंगे।

पात्रता

इस योजना के अन्तर्गत समस्त शहरी महिलाएं पात्र हैं। इस योजना में ऐसी संस्थाएं जिन्हें एग्रीगेटर कहा जाएगा, जो विभिन्न माध्यमों से मास्क की मांग का संग्रहण करती है वे भी पात्र होगी। इन संस्थाओं का पंजीयन पृथक से किया जाएगा। अन्य संस्थान भी अपनी आवश्यकता के मास्क इस योजना के माध्यम से शहरी पंजीकृत महिलाओं से बनवा सकते हैं

पंजीयन की प्रक्रिया

इच्छुक महिलाएं अपना पंजीयन बेवसाइट www.maskupmp.mp.gov. पर स्वयं कर सकती है। इसके अलावा महिलायें फोन नम्बर 0755-2700800 पर फोन करके भी अपना पंजीयन करा सकती है। पंजीयन कराने के लिए स्वयं के नाम का बैंक खाता क्रमांक एवं आधार क्रमांक अनिवार्य है। पंजीयन के बाद प्रत्येक हितग्राही को समस्त जानकारी केवल उसके पंजीकृत मोबाइल पर ही भेजी जाएगी। इसके अतिरिक्त, हितग्राही समस्त जानकारियाँ पोर्टल पर अपने खाते में भी देख सकेगे।

मास्क आदेश का प्रदाय

प्रत्येक महिला को आवश्यक संख्या में मास्क बनाने का आदेश केन्द्रीयकृत पोर्टल से दिया जाएगा। स्वीकृतकर्ता अधिकारी द्वारा क्रय आदेश को पोर्टल पर स्वीकृत करते ही आदेश संबंधित महिला के पंजीकृत मोबाइल पर एसएमएस के माध्यम से प्राप्त होगा। इस एसएमएस में एक लिंक भी होगा, जिस पर क्लिक करने पर हितग्राही इस क्रय आदेश की प्रति देख सकेंगे। इसके अतिरिक्त, किसी भी एमपी ऑनलाइन, लोक सेवा केन्द्र अथवा कामन सर्विस केन्द्र से भी इसकी प्रति प्राप्त कर सकेंगे। एसएमएस से प्राप्त आदेश पर महिला हितग्राही अपना निर्माण कार्य प्रारंभ कर सकती हैं। उसको अन्य किसी प्रकार के अन्य आदेश की आवश्यकता नहीं होगी।

मास्क की संरचना

मास्क का आकार 8’ҳ4′ का होना चाहिए। मास्क शत-प्रतिशत सूती वस्त्र का होना चाहिए। मास्क थ्री फोल्ड डबल लेयर होना चाहिए। मास्क निर्माण की प्रक्रिया भारत सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार द्वारा जारी मेन्यूअल दिनांक 30.03.2020 के अनुसार होगी। मास्क का निर्माण हितग्राही अपनी सुविधा के स्थल पर कर सकेंगे।

मास्क को प्रदान करने की प्रक्रिया

इस व्यवस्था के संचालन के लिये जिला कलेक्टर प्रत्येक नगरीय निकाय स्तर पर निर्मित मास्क प्राप्त करने के लिये अधिकारी नियुक्त करेंगे। आवश्यकतानुसार प्रति नगरीय निकाय एक से अधिक अधिकारी भी नामित किये जा सकते हैं। मास्क निर्माण होने पर हितग्राही अपने निर्मित मास्क जिला कलेक्टर द्वारा नामित अपने नगरीय निकाय के अधिकारी को प्रदान करेंगे। मास्क प्राप्ति की स्वीकृति संबंधित अधिकारी द्वारा अनिवार्यत: पोर्टल पर दर्ज की जाएगी। यह स्वीकृति पोर्टल से भी प्रिंट की जा सकती है। नामित अधिकारी द्वारा मास्क की प्राप्ति दर्ज करते ही 11 रुपये प्रति मास्क की दर से राशि हितग्राही के पंजीकृत खाते में हस्तातरित हो जाएगी। इस संबंध में एसएमएस हितग्राही के मोबाइल पर भी भेजा जाएगा।

वितरण की प्रक्रिया

मास्क विक्रय करने के लिये सभी इच्छुक संस्थाएँ नामित अधिकारी से मास्क प्राप्त कर सकेंगी। नामित अधिकारी ऐसी सभी संस्थाओं को 11 रुपये प्रति मास्क की दर से राशि प्राप्ति के बाद मास्क प्रदान करेगें। इसकी प्रविष्टि पोर्टल पर करेंगे। डिमांड ड्राफ्ट ‘मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम’ के नाम भोपाल में देय होंगे।

मास्क की ब्रिकी के बाद भविष्य की आवश्यकता का आकलन नामित अधिकारी करेंगे। इसकी सूचना पोर्टल पर दर्ज करेंगे। योजना के संबंध में कोई भी स्पष्टीकरण अथवा जानकारी jeevanshakti2020@gmail.com पर दी जाएगी। जिला कलेक्टर से कहा गया है कि वे इस योजना से अधिक से अधिक महिलाओं एवं उचित मूल्य की दुकानों को जोड़ें।

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