बेघर, बेसहारा और अन्यत्र रुके लोगों के लिये खाद्यान्न व्यवस्था

राज्य शासन ने लॉकडाउन अवधि में निवास से अन्यत्र रुके लोगों और बेघर तथा बेसहारा व्यक्तियों के भोजन के लिये खाद्यान्न उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की है। संचालक खाद्य-नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्त संरक्षण श्री अविनाश लवानिया ने बताया कि जिलों को प्रारंभिक रूप से 2000 क्विंटल खाद्यान्न (गेहूँ एवं चावल) का आवंटन जारी किया है। इस मात्रा में जिले की आवश्यकतानुसार गेहूँ एवं चावल का उठाव किया जा सकेगा। जिला कलेक्टरों से कहा गया है कि आवंटित मात्र में से ही जैसे ही 50 प्रतिशत मात्र का उपयोग हो जाए, अतिरिक्त आवंटन की मांग तत्काल की जाए। जिलों में खाद्यान्न की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध है। आवंटन के भाव में खाद्यान्न का प्रदाय कदापि न रोका जाए।

लॉकडाउन के दौरान गेहूँ एवं चावल नि:शुल्क प्रदाय किया जाएगा। प्रदाय मात्र का निर्धारण जिला कलेक्टर द्वारा किया जाएगा। खाद्यान्न का उठाव उचित मूल्य दुकानों के वर्तमान स्टॉक से अथवा प्रदाय केन्द्रों के गोदामों से कराया जा सकेगा। गोदाम से प्रदाय एवं वितरित खाद्यान्न का विधिवत रिकार्ड संधारित किया जाएगा।

द्वार प्रदाय योजनान्तर्गत कार्यरत परिवहनकर्ताओं द्वारा उचित मूल्य दुकानों तक खाद्यान्न का प्रदाय किया जाएगा। गेहूँ एवं चावल का उठाव करते समय उसकी गुणवत्ता की जांच के बाद ही केवल एफएक्यू गुणवत्ता का स्कंद प्रदाय किया जाएगा। प्रदाय गेहूँ एवं चावल वास्तविक हितग्राहियों के भोजन के लिये ही उपयोग किया जा रहा है, यह आवश्यक रूप से सुनिश्चित कराया जाएगा। खाद्यान्न के प्रदाय एवं भोजन वितरण की सतत मॉनीटरिंग किये जाने तथा इसके लिये व्यक्तिश: जिम्मेदारी सौंपने को कहा गया है।

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