प्रदेश में 2 करोड़ से अधिक लोगों का स्वास्थ्य सर्वे हुआ

प्रदेश में चल रहे किल कोरोना अभियान में डोर टू डोर सर्वे के साथ चिन्हित हो रहे रोगियों के उपचार की व्यवस्थायें भी सुनिश्चित की जा रही है। अभियान से जुड़े अधिकारी-कर्मचारियों के साथ आम नागरिक भी सहयोगी की भूमिका निभा रहे हैं। शहरी क्षेत्र में 1776 और ग्रामीण क्षेत्र में 8975 सर्वे दलों द्वारा कार्य किया।

सर्वे अभियान अंतर्गत कोरोना लक्षण वाले मरीजों के साथ अन्य मौसमी बीमारियों के लक्षण वाले रोगी भी चिन्हित हो रहे है। सभी का उपचार किया जा रहा है। अभियान में अब तक करीब 11 हजार से अधिक सैंपल लिए लिए गए। प्रदेश में 2 करोड़ से अधिक लोगों का स्वास्थ्य सर्वे अभियान के अंतर्गत किया जा चुका है।

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने किल कोरोना अभियान में सर्वे के दौरान चिन्हित हो रहे संभावित कोरोना रोगियों की जांच के साथ उचित उपचार की व्यवस्था के निर्देश दिये है। उन्होंने कहा कि सर्वे में अन्य व्याधियों की पहचान कर रोगियों का इलाज सुनिश्चित किया जाये, इस कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी जिलों मे अधिकाधिक सेंपलिंग का कार्य किया जाये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में कोरोना नियंत्रण के अभी तक जो प्रयास हुए हैं, उससे मध्यप्रदेश की स्थिति में काफी सुधार हुआ है। किल कोरोना अभियान में संचालित गतिविधियों से प्रदेश को कोरोना से मुक्ति मिलेगी।

‘किल कोरोना अभियान’ में डोर-टू-डोर सर्वे का कार्य सतत रूप से चल रहा है। इसके लिये 11 हजार 458 सर्वे टीम लगाई हैं। सभी टीम नॉन कान्टेक्ट थर्मामीटर, पल्स ऑक्सीमीटर और जरूरी प्रोटेक्टिव गियर के साथ लैस हैं। ‘किल कोरोना अभियान’ में सर्वे द्वारा एस.ए.आर.आई./आई.एल.आई. के संदिग्ध मरीजों के साथ-साथ मलेरिया, डेंगू, चिकनगुनिया आदि के संदिग्ध मरीजों को भी चिन्हांकित कर इनकी प्रविष्टि ‘सार्थक एप’ में की जा रही है। कोविड-19 के संदिग्धों की प्रविष्टि ‘सार्थक एप’ पर भी हो रही है। चिन्हित हो रहे संदिग्धों की सेम्पलिंग के बाद उनकी टेस्टिंग आर.टी.पी.सी.आर और टी.आर.यू.एन.ए.टी. के माध्यम से करवाई जा रही है।’किल कोरोना अभियान’ 15 जुलाई तक चलेगा।

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